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शिक्षा व छात्रों की बेहतरी के लिए सख्त हुई सरकार, कुलपतियों को दी चेतावनी - काम सुधारें या पद छोड़ें

Sun, 28 Jul 2019 01:16 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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मानव संसाधन एवं विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक - फोटो : एएनआई
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मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने देश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को परफॉर्मेंस में सुधार लाने का अल्टीमेटम दिया है। शनिवार को ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के ड्राफ्ट पर सुझाव के लिए कार्यशाला आयोजित की गई थी। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने देश के सभी कुलपतियों को यह चेतावनी दी है। पोखरियाल ने कहा कि 'कुलपति अपने संस्थान के प्रदर्शन में सुधार करें या फिर पद छोड़ दें। अब कुलपति अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते हैं। मंत्रालय सभी संस्थानों का पिछले चार साल का रिव्यू कर रहा है। रिव्यू रिपोर्ट के आधार पर उनकी परफॉर्मेंस तय होगी।'

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एआईसीटीई मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में देशभर के सेंट्रल, स्टेट, डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी समेत अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रमुख पहुंचे हुए थे। कुलपतियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के ड्राफ्ट पर अपने सुझाव देने थे। इसी कार्यक्रम में मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी पहुंचे हुए थे। 

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उन्होंने कहा कि 'मैं सभी कुलपतियों के कामकाज पर नजर रख रहा हूं। कौन सा विश्वविद्यालय या संस्थान कैसा काम कर रहा है, शिक्षकों की भर्ती के निर्देश का कहां तक पालन हुआ, राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर वर्कशॉप आयोजित करते हुए सुझाव लिए गए या नहीं, कुलपति रिसर्च, छात्रों की दिक्कत को दूर करने पर काम कर रहे हैं या नहीं, इन बातों की मुझे पूरी जानकारी है।'
 
उन्होंने आगे कहा कि 'मैं मानता हूं कि आप सभी कुलपति अपनी काबलियत के चलते बने हैं। क्योंकि कुलपति बनने की लंबी व जटिल प्रक्रिया पार करना संभव नहीं है। इसलिए मैं उम्मीद करता हूं कि सभी अपने संस्थान व विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने की पूरी कोशिश करेंगे।'

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यूजीसी के शिक्षक भर्ती नियम न मानने पर कार्रवार्ई

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यूजीसी ने देशभर के सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को जल्द से जल्द शिक्षक भर्ती शुरू करने का आदेश दिया था, ताकि जुलाई तक नए छात्रों के आगमन पर उन्हें शिक्षकों की कमी न खले। लेकिन अभी भी कई विश्वविद्यालयों में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। शिक्षक भर्ती सहित अन्य नियमों का पालन करना कुलपति की जिम्मेदारी है। हर नियम को पूरा करवाने के लिए संबंधित संस्थान के प्रमुख की जिम्मेदारी तय की गई है। अगर जिम्मेदारी में कोताही हुई होगी, तो संबंधित संस्थान प्रमुख के खिलाफ कार्रवाई होगी। 

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