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एक साल में इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने वाले कितने युवाओं को मिली नौकरी, सामने आई सच्चाई

Tue, 16 Jul 2019 02:12 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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सांकेतिक तस्वीर
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इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाला लगभग हर स्टूडेंट कैंपस प्लेसमेंट पाना चाहता है। संस्थान भी 100 फीसदी प्लेसमेंट का दावा करते हैं। लेकिन हकीकत क्या है? एक साल में इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन पूरा करने वाले कितने स्टूडेंट्स को नौकरी मिल पाती है? यह जानकारी मिलनी मुश्किल है। लेकिन आज हम आपको इस बारे में बता रहे हैं। खुद केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने इस बारे में जानकारी दी है...

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2017-18 में कितने इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को मिली नौकरी

शैक्षणिक सत्र 2017-18 में देशभर के इंजीनियरिंग संस्थानों से कुल 7,92,970 स्टूडेंट्स ने बीई या बीटेक का कोर्स पूरा किया। लेकिन इनमें से सिर्फ 3,59,193 स्टूडेंट्स को ही कैंपस प्लेसमेंट द्वारा नौकरी मिल पाई। यानी 50 फीसदी भी नहीं।

2018-19 में IITs और NITs के कितने स्टूडेंट्स को मिली नौकरी

वहीं अगर शैक्षणिक सत्र 2018-19 में देश के सर्वोच्च इंजीनियरिंग संस्थान माने जाने वाले इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IITs), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NITs) और इंडियन इंस्टीट्यूट्स ऑफ इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIITs) की बात करें, तो भी 100 फीसदी कैंपस प्लेसमेंट का आंकड़ा नहीं मिलता। इस सत्र में इन संस्थानों से कुल 23,298 स्टूडेंट्स ने ग्रेजुएशन पूरा किया। लेकिन इनमें से 17,946 स्टूडेंट्स को ही कैंपस प्लेसमेंट मिल पाया।

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किन बातों पर निर्भर करती है आपकी नौकरी

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने ये जानकारी लोकसभा में दी है। उन्होंने यह भी कहा कि बताए गए आंकड़ों में उन युवाओं को शामिल नहीं किया गया है, जिन्होंने ऑफ कैंपस नौकरी हासिल की या जिन्होंने खुदा का कोई काम शुरू किया।

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रमेश पोखरियाल निशंक ने ये भी कहा कि इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स की नौकरी आर्थिक विकास, रोजगारों के घटते-बढ़ते अवसर जैसे कारकों पर भी निर्भर करती है। साल दर साल कैंपस प्लेसमेंट पाने वालों की संख्या घट या बढ़ सकती है। हालांकि भारत सरकार के विकास दर बढ़ाने के लक्ष्य के मद्देनजर आने वाले समय में नौकरी के मौके बढ़ने ही चाहिए।
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