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Jaipuriya: कैसे जयपुरिया से MBA करने पर आप पा सकते हैं अपने निवेश का सबसे अच्छा रिटर्न

सार

Jaipuriya: मैनेजमेंट एजुकेशन में 28 वर्षों की उत्कृष्टता रखने वाला जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट देश के प्रमुख B-स्कूलों में शामिल है। जयपुरिया को नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) 2023 में भारत के टॉप मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट में शामिल किया गया है।
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जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट - फोटो : Amar ujala
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विस्तार
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जयपुरिया: MBA करना अपने करियर और लाइफ का एक महत्वपूर्ण इन्वेस्टमेंट है। इस इन्वेस्टमेंट में पढ़ाई के खर्च के अलावा, डिग्री हासिल करने के लिए दिए गए टाइम और पर्सनल एनर्जी को भी शामिल किया जाना चाहिए। जब आप कोई इन्वेस्टमेंट करते हैं, तो उस पर अच्छे रिटर्न यानी ROI (रिटर्न ऑफ इन्वेस्टमेंट) की भी उम्मीद करते हैं। किसी MBA प्रोग्राम से मिलने वाला अच्छा रिटर्न बहुत हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि आप वह प्रोग्राम किस इंस्टीट्यूट से करते हैं। भारत के प्रमुख प्रबंधन संस्थानों से MBA करना उचित निवेश है, जिसमें उत्कृष्ट ROI की गारंटी होती है। मैनेजमेंट एजुकेशन में 28 वर्षों की उत्कृष्टता रखने वाला जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (Jaipuria Institute of Management) देश के प्रमुख B-स्कूलों में शामिल है। जयपुरिया से MBA करने के ROI में फाइनेंशियल रिटर्न के साथ ही भविष्य की पर्सनल और प्रोफेशनल ग्रोथ के शानदार अवसर भी शामिल हैं। 
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ऐसा क्या है जो जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट को आपके सपनों को पूरा करने वाला और बेहतर रिटर्न देने वाला एक प्रमुख B-स्कूल बनाता है? 


पहचान और प्रतिष्ठा :- मैनेजमेंट के क्षेत्र से जुड़े लोग अच्छी तरह जानते हैं कि एमबीए की सिर्फ डिग्री मायने नहीं रखती बल्कि आपने वह डिग्री किस प्रतिष्ठित संस्थान से हासिल की है, यह भी बहुत महत्वपूर्ण है। जयपुरिया आज  B-स्कूलों में एक जाना-पहचाना नाम और प्रतिष्ठित ब्रांड है। जयपुरिया को नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) 2023 में भारत के टॉप मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट में शामिल किया गया है। जयपुरिया नोएडा को 47 वीं रैंक, जयपुरिया जयपुर को 80 वीं रैंक, जयपुरिया लखनऊ को 92 वीं रैंक और जयपुरिया इंदौर को 101-125 रैंक बैंड में रखा गया है।  इसके अलावा जयपुरिया लखनऊ और नोयडा को NAAC द्वारा मान्यता भी दी गई है। यही नहीं, जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, देश के उन चुनिंदा संस्थानों में शामिल है, जिसे AICTE द्वारा ग्रेडेड ऑटोनॉमी प्रदान की गई है। जब आप कॉर्पोरेट जगत में नौकरी के लिए जाते हैं तो पहचान की यह लंबी सूची बहुत मायने रखती है । 
 

जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट - फोटो : Amar ujala
बहुमुखी और उज्ज्वल करियर के लिए एमबीए :- हर कोई बिल्कुल स्पष्ट करियर लक्ष्यों के साथ एमबीए कार्यक्रम में प्रवेश नहीं करता है। MBA का दो-वर्षीय कार्यक्रम आपको अपने करियर लक्ष्यों को निर्धारित करने में मदद करता है, क्योंकि यह आपको विभिन्न पाठ्यक्रमों और विशेषज्ञताओं का पता लगाने और अपनी रुचि के साथ तालमेल बिठाने की अनुमति देता है। यह व्यावसायिक ज्ञान के एक बुफ़े की तरह है, जो आपको अपना सच्चा जुनून ढूंढने और उसके अनुसार अपना करियर ढालने में मदद करता है। 

हाल ही में जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (Jaipuria Institute of Management) के पूर्व छात्र मयंक प्रताप सिंह सिसौदिया खबरों में थे, जिनकी इको-फ्रेंडली स्टार्ट-अप, “द ऑनेस्ट होम कंपनी” ने शार्क टैंक इंडिया सीजन 3 में धूम मचा दी है। 

मयंक की सफलता का मुख्य श्रेय जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट को जाता है। उनकी प्रबंधन की शैक्षणिक यात्रा जयपुरिया से शुरू हुई, जहां उन्होंने एमबीए की पढ़ाई की और अपने भविष्य की नींव रखी। उन्होंने पारले के साथ एक बिक्री अधिकारी के रूप में अपना करियर शुरू किया और बाद में हिंदुस्तान यूनिलीवर में चले गए, लेकिन उनकी उद्यमशीलता की प्रवृत्ति ने उन्हें अपने स्टार्टअप 'द ऑनेस्ट कंपनी' में उद्यम करने के लिए प्रेरित किया। मयंक कहते हैं, "शार्क टैंक में मेरी सफलता उन अमूल्य पाठों से प्रभावित है जो मैंने जयपुरिया लखनऊ में एमबीए के दौरान सीखे थे। प्रबंधन के पाठ्यक्रम ने ना केवल उन्हें ज्ञान से सुसज्जित किया बल्कि एक उद्यमशील मानसिकता  भी पैदा की।" 

जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट - फोटो : Amar ujala
कमाई की संभावनाएं :- एक एमबीए पेशेवर के लिए, छह-अंकीय वेतन पहुंच के भीतर है। वास्तव में एमबीए की डिग्री सीधे तौर पर प्रभावशाली वेतन वृद्धि से जुड़ी होती है। ग्रेजुएट मैनेजमेंट एडमिशन काउंसिल (जीएमएसी) के वार्षिक कॉरपोरेट रिक्रूटर्स सर्वे से पता चलता है कि दुनिया भर के 75% रिक्रूटर्स एमबीए डिग्री वाले व्यक्तियों की उच्च कमाई की क्षमता को पहचानते हैं। इसके अलावा, 90% एमबीए पूर्व छात्र इस बात से सहमत हैं कि उनकी डिग्री ने उनकी कमाई की क्षमता में काफी वृद्धि की है। 

वेतनमान डेटा के अनुसार, भारत में स्नातक डिग्री धारक के लिए औसत वेतन 5.6 लाख रुपये प्रति वर्ष है। जबकि एमबीए स्नातक के लिए यह वेतन 42% तक बढ़ जाता है, जो प्रति वर्ष 8 लाख से अधिक है। 

जयपुरिया में प्लेसमेंट इस आरओआई का अच्छा उदाहरण है, जहां वर्तमान औसत 11.25 प्रति वर्ष है और छात्रों को विविध प्रोफाइल में भूमिका मिल रही है। 

जयपुरिया में वर्तमान प्लेसमेंट में कुछ प्रमुख रिक्रूटर्स का आना इसका स्पष्ट उदाहरण है। यह जयपुरिया के स्नातकों और जिस कॉर्पोरेट के साथ वे अपना करियर जोड़ रहे हैं, उसके विविध स्किल सेट को और मजबूत करता है। जिसे ROI के रूप में बड़ी उपलब्धि में से एक माना जाता है।

जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट - फोटो : Amar ujala
प्रोग्राम की मान्यता:- जयपुरिया का PGDM प्रोग्राम NBA द्वारा एक्रिडिटेड और AIU द्वारा रिकॉग्नाइज्ड प्रोग्राम है। ये मान्यताएं PGDM की उच्च क्वालिटी और विश्वसनीयता का एक प्रमाण हैं। यह मान्यता आजीवन ROI में से एक है। 

मजबूत एल्युमनाई नेटवर्क:- MBA का एक प्रमुख ROI, प्रोफेशनल्स का व्यापक नेटवर्क है, जो स्टूडेंट्स अपनी पढ़ाई के दौरान बनाते हैं। इसमें इंडस्ट्री लीडर्स के साथ बातचीत करना, उनके साथ दीर्घकालीन संबंध बनाने के अलावा  एकेडमिक और इंडस्ट्री एक्सपर्ट से मार्गदर्शन प्राप्त करना शामिल है। 

जयपुरिया में 14000 से ज्यादा पूर्व छात्रों का एक समृद्ध और मजबूत नेटवर्क है। इनमें अग्रणी आंत्रप्रेन्योर्स से लेकर ग्रुप हेड, सीईओ और सीएफओ शामिल हैं। इस नेटवर्क से छात्रों को मार्गदर्शन से लेकर करियर संबंधी सलाह और नौकरी के अवसर तक व्यापक लाभ मिलते हैं। एक एक्टिव एल्युमनाई नेटवर्क तक पहुंच, MBA के स्नातकों के करियर को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह नेटवर्क स्नातकों को उनके करियर को परिभाषित करने और एक सलाहकार के रूप में प्रभावित करने में मदद करता है। जयपुरिया नोएडा की 2018 की पीजीडीएम (एसएम) कक्षा की स्तुति, जो वर्तमान में एचसीएल टेक में एचआर एम्प्लॉइई पार्टनर के रूप में काम कर रही हैं, कहती हैं कि मैंने अपने दूसरे वर्ष में सही विशेषज्ञता चुनने से लेकर एचआर क्षेत्र में अपने करियर को परिभाषित करने तक हमेशा पूर्व छात्रों से सलाह मांगी 
 थी। आज अगर मैं एचआर क्षेत्र में हूं, तो इसका कारण मुझे हमेशा पूर्व छात्रों और एल्युमनाई नेटवर्क से मिली सलाह और दिशा है। 

सॉफ्ट स्किल डेवलपमेंट :- हर कोई केवल आय को अधिकतम करने के लिए एमबीए की डिग्री प्राप्त नहीं करता है। अधिकांश लोग व्यावसायिक विकास, व्यक्तिगत उपलब्धि और वित्तीय घटक से परे कई अन्य कारणों से  भी MBA अर्जित करते हैं। 
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अपने कौशल में लगातार सुधार करने और उसे बढ़ाने की महत्वाकांक्षा आपको उस संगठन के लिए अधिक मूल्यवान बनाती है, जिसमें आप काम करते हैं या आवेदन करते हैं। अपनी पेशेवर दक्षताओं की सूची में MBA जोड़कर, आप डेटा की व्याख्या करने की मजबूत क्षमता के साथ बिजनेस एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में अधिक निपुण हो जाएंगे जो आपके संगठन को मनचाहे परिणामों को प्राप्त करने में सहायक होगा। इसके अलावा आप अपने अंदर सॉफ्ट स्किल्स विकसित करेंगे, जो लॉन्ग टर्म लीडरशिप’ के लिए आवश्यक विशेषता हैं। 

जयपुरिया के छात्रों की सफलता या MBA से बेहतर ROI पाने में उन्हें दिए गए प्रभावशाली प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका है। जयपुरिया के स्टूडेंट्स को इंडस्ट्री और अकादमी के जाने-माने दिग्गज शिक्षकों द्वारा तैयार किया जाता है। ये उन्हें जीवन में तरक्की और सफलता के लिए तैयार करते हैं। जैसे कि -कंपनी स्पेसिफिक ट्रेनिंग , इंडीविजुअल डेवलपमेंट प्लान, एक्सटर्नल ट्रेनिंग सेशन   

संक्षेप में, जयपुरिया इंस्टीट्यूट की पीजीडीएम पाठ्यक्रम एक अनकहे नायक के रूप में काम करता है, जो मैनेजमेंट स्टूडेंट्स को ऐसे इंडस्ट्री-रेडी प्रोफेशनल्स बना देता है।

अगर आप भी अपने करियर का बेहतर ROI चाहते हैं, तो जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में PGDM कार्यक्रम के माध्यम से अपने सपने को पूरा करने पर विचार करें। प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होने के लिए आप अपने CAT/XAT/CMAT या MAT स्कोर के साथ आवेदन कर सकते हैं। 

अधिक जानकारी के लिए जयपुरिया की वेबसाइट पर जाएं।
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