विदेश में पढ़ने के फायदे
कनाडा छात्रों के लिए तीन वर्षीय स्टे-बैंक पॉलिसी प्रदान करता है, जिसके दौरान छात्र वर्क वीजा और स्थायी निवास के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसी तरह, यूएसए के दो-वर्षीय स्टे-बैंक पॉलिसी से छात्र अपने वीजा को वर्क वीजा में बदल सकते हैं। यूके ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए अपने दो-वर्षीय स्टे-बैक वर्क वीजा को फिर से शुरू किया है। विदेश के कई विश्वविद्यालय ऐसे हैं, जो बेहतर कोर्स के साथ-साथ छात्रवृत्तियां भी प्रदान करते हैं। इसके अलावा विदेश में पढ़ाई के दौरान विविध संस्कृतियों को अपनाने से, छात्र दुनिया की गहरी समझ भी विकसित करते हैं।
कब करें आवेदन?
विदेश में ज्यादातर विश्वविद्यालय और कॉलेज दो, फॉल और स्प्रिंग इनटेक के तहत विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश लेते हैं। जहां फॉल इनटेक आमतौर पर सितंबर में शुरू होता है, जो दिसंबर में खत्म होता है, वहीं स्प्रिंग इनटेक जनवरी में शुरू होता है और मई में खत्म होता है। कुछ कॉलेज गर्मियों में भी एक छोटे-से इनटेक के तहत मौका देते हैं, जो अप्रैल में शुरू होता है और जून-जुलाई तक चलता है।
कोर्सेज और प्रवेश प्रक्रिया?
छात्र बिजनेस एंड मैनेजमेंट, कंप्यूटर साइंस, मेडिसिन, आर्किटेक्चर, इंजीनियरिंग आदि में स्नातक के बाद मैनेजमेंट एंड लीडरशिप, एमबीए, इंटरनेशनल रिलेशन एंड बिजनेस, साइकोलॉजी आदि के परास्नातक कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। इसके लिए छात्रों को अंडर ग्रेजुएट के लिए सीएटी/एसीटी, एमबीए/एमआईएम के लिए जीमैट या जीआरई, एमएस/पीएचडी के लिए जीआरई, मेडिकल कोर्सेज के लिए एमसीएटी/नीट और लॉ कोर्सेज के लिए एलसीएटी को उत्तीर्ण करना अनिवार्य होता है। इसके अलावा आईईएलटीएस, पीटीई और टॉफल जैसी अंग्रेजी भाषा प्रवीणता परीक्षा देना आवश्यक है।
आवेदन कैसे करें?
विश्वविद्यालयों और पाठ्यक्रमों पर शोध करने के बाद आप संबंधित कॉलेज या विश्वविद्यालय के आधिकारिक लिंक पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया के तहत आवश्यक दस्तावेज जैसे- परीक्षा स्कोर, अनुशंसा पत्र आदि एकत्र करना, एक आकर्षक निबंध तैयार करना, आवेदन पत्र भरना, साक्षात्कार, शुल्क का भुगतान करना और समय सीमा से पहले आवेदन जमा करना आदि शामिल हैं।