फारसी से निकला है 'हिंदी' नाम
जी हां, यह जान कर आपको आश्चर्य होगा कि हिंदी नाम फारसी भाषा से निकला है। हिंदी का अर्थ है सिंधु नदी की भूमि। सभी को पता है कि भारत की सिंधु घाटी सभ्यता काफी प्राचीन थी। यह सिंधु नदी के किनारे बसी थी। इसलिए फारसियों द्वारा सिंधु नदी के किनारे रहने वाले लोगों को हिन्दू और उनके द्वारा बोली जाने वाली भाषा को हिन्दी कहा जाने लगा।
देश में करीब 50 करोड़ लोग बोलेते है हिंदी
भारत में वर्तमान में करीब 50 करोड़ लोग हिंदी भाषा का प्रयोग करते हैं। इसके अलावा विदेशों में भी हिंदी बोलने वालों की अच्छी खासी जनसंख्या है। इस विशाल संख्या के कारण ही हिंदी को दुनिया की तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा माना जाता है। दुनिया भर की बात करें तो करीब 60 करोड़ लोग हिंदी भाषा का प्रयोग करते हैं।
अन्य देशों में करोड़ों हिंदी भाषी
जी हां, हिंदी भाषा केवल भारतीय भू-भाग तक सिमटी हुई नहीं है। भारत के अलावा मॉरीशस, फिजी, सूरीनाम, गुयाना, त्रिनिदाद और टोबैगो और नेपाल जैसे देशों में भी हिंदी का काफी प्रचलन है। सदियों पहले भारत से जाकर अन्य देशों में बसने वाले भारतियों ने विदेशों में अब तक अपनी मातृभाषा को बचाए रखा है।
हिंदी राष्ट्रीय नहीं राजकीय भाषा
हिंदी राष्ट्रीय नहीं बल्कि राजकीय भाषा है। 14 सितंबर 1949 को देवनागरी लिपि हिंदी को भारत की राजभाषा तौर पर स्वीकार किया गया था। वहीं, 26 जनवरी 1950 को संविधान के अनुच्छेद 343 में हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता दी गई थी। इसके अलावा अंग्रेजी को भी मान्यता दी गई है। राज्यों को अपनी आधिकारिक भाषा को मान्यता देने की छूट है।
अलग हैं विश्व हिंदी दिवस और राष्ट्रीय हिंदी दिवस
हिदी दिवस साल में दो बार 10 जनवरी और 14 सितंबर को मनाया जाता है। 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है और 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस होता है। हालांकि, दोनों का उद्देश्य हिंदी का प्रचार प्रसार ही है। पंडित जवाहरलाल नेहरू की सरकार ने 14 सितंबर को हिंदी दिवस के तौर पर मनाने की घोषणा संसद में की। आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय हिंदी दिवस 14 सितंबर 1953 को मनाया गया था।