कई जगहों पर हुए विवाद
कॉलेजों के शुरू होने पर कई स्थानों पर विवाद भी देखने को मिले। कुछ कॉलेजों में छात्राओं ने हिजाब पहन कर प्रवेश करना चाहा लेकिन हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर उन्हें रोक दिया गया।उडुपी, शिवमोगा, बीजापुर, कलबुर्गी और यदगीर जिलों में कई कॉलेजों में छात्राओं ने हिजाब पहन कर प्रवेश की कोशिश की लकिन उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। उडुपी के पीयू कालेज के प्रिंसिपल ने बताया कि जिन पांच छात्राओं ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, वह कॉलेज नहीं आई थी। इससे पहले राज्य सरकार ने 14 फरवरी को दसवीं तक की कक्षा के स्कूलों को खोल दिया था।
हाईकोर्ट में आज भी हुई सुनवाई
कर्नाटक हाईकोर्ट में आज हिजाब विवाद को लेकर बुधवार को एक बार फिर से सुनवाई हुई। आज याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रोफेसर रविवर्मा कुमार अदालत में पेश हुए। उन्होंने सुनवाई के दौरान राज्य में शिक्षा अधिनियम का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि नियमानुसार जब शिक्षण संस्थान यूनिफॉर्म में बदलाव चाहता है तो उसे छात्रों के माता-पिता को एक साल पहले नोटिस जारी करना पड़ता है। अगर हिजाब पर बैन है तो उसे एक साल पहले सूचित करना चाहिए। दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने आज की सुनवाई को खत्म कर दिया है। अब अगली सुनवाई कल दोपहर 2.30 बजे से होगी।
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मंगलवार को दक्षिण अफ्रीकी अदालत का हवाला दिया गया
याचिकर्ताओं के वकील देवदत्त कामत ने मंगलवार को मामले पर सुनवाई के दौरान दक्षिण अफ्रीका की अदालत के फैसले का जिक्र किया था। उन्होंने बताया था कि दक्षिण भारत की एक लड़की को स्कूल में नाक की बाली पहनने की इजाजत दी गई थी। फैसले में यह भी कहा गया था कि अगर अन्य विद्यार्थी भी अपने संस्कृति का पालन करने के लिए प्रोत्साहित होते हैं, तो यह डरने की नहीं बल्कि जश्न मनाने की बात है।