कोरोना वायरस से लड़ने के लिए पीएम मोदी ने पूरा देश 21 दिनों के लिए लॉकडाउन कर दिया है। ऐसे में अब कोई अपने घरों से बाहर नहीं निकल पाएगा। बता दें कि गुजरात सरकार ने छात्र-छात्रों को बिना परीक्षा के अगली कक्षा में प्रमोट करने यानी भेजने का फैसला किया है। इससे पहले उत्तर प्रदेश, हरियाणा और अन्य राज्यों की सरकार भी इस कदम को उठा चुकी हैं।
ये जानकारी खुद गुजरात के मुख्यमंत्री के सचिव अश्विनी कुमार ने मीडिया को दी है। उन्होंने बताया कि ''मुख्यमंत्री ने पहली कक्षा से लेकर नौवीं और 11वीं के छात्र-छात्रों को को बिना परीक्षा के अलगी कक्षा भेजने का फैसला किया है।
कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखकर सरकार ने पहले ही स्कूल, विश्वविद्यालय और सभी संस्थानों को 31 मार्च तक बंद कर दिया गया था।
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उत्तर प्रदेश में हुई घोषणा-
बता दें कि इससे पहले उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग ने कोरोना वायरस के डर के कारण बेसिक शिक्षा विभाग से संबद्ध सभी परिषदीय विद्यालय एवं राजकीय सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने परीक्षाओं को रद्द करते हुए सभी छात्रों को बिना परीक्षा दिए ही अगली कक्षा में प्रोन्नत करने के आदेश जारी किए हैं।
कोरोना के खतरों के कारण सरकार ने सभी स्कूल व कॉलेजों में 02 अप्रैल, 2020 तक बंद रखने का आदेश दिया है। वहीं बेसिक शिक्षा विभाग के जुड़े स्कूलों में नया सत्र एक अप्रैल से प्रारंभ हो जाता है परंतु अभी तक इन कक्षाओं की परीक्षा नहीं हो पाई हैं।