कनाडा से अमेरिका में प्रवेश करते वक्त पकड़े गए थे
उन्होंने बताया कि जिन लोगों पर मामला दर्ज किया गया है उनमें एक कोचिंग क्लास का मालिक, एक निजी परीक्षा प्रबंधन और शैक्षणिक सेवा कंपनी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ और करीब दो दर्जन छात्र शामिल हैं। कथित रैकेट का खुलासा गुजरात के छह युवाओं का मामला सामने आने के बाद हुआ है, जिन्हें मार्च में अमेरिकी सीमा अधिकारियों ने कनाडा से अमेरिका में प्रवेश करने के प्रयास के दौरान पकड़ा था, अदालत की सुनवाई के दौरान अमेरिकी न्यायाधीश द्वारा पूछे गए सवालों का अंग्रेजी में जवाब देने में विफल रहे थे।
अमेरिकी महावाणिज्य दूतावास ने की थी जांच की मांग
पहले पकड़े गए गुजरात के सभी छह छात्र अभी भी अमेरिका में हैं और वहां नौकरी कर रहे हैं। निरीक्षक ने कहा कि वे जमानत पर हैं और उनके खिलाफ मामला लंबित रहने तक देश नहीं छोड़ सकते। इन छह छात्रों में से चार मेहसाणा जिले के विभिन्न हिस्सों से थे, दो गांधीनगर और पाटन के थे। मेहसाणा जिले के चार छात्रों की पहचान ध्रुव पटेल, नील पटेल, उर्विश पटेल और सावन पटेल के रूप में हुई है। मुंबई में अमेरिकी महावाणिज्य दूतावास की आपराधिक धोखाधड़ी जांच इकाई ने मेहसाणा पुलिस को एक जांच करने के लिए एक मेल भेजा था कि यह पता लगाने के लिए कि मेहसाणा के इन चार छात्रों ने बहुत अधिक अंक कैसे प्राप्त किए और कौन सी एजेंसी या एजेंट शामिल थे।
छात्रों से 10 लाख से 20 लाख रुपये लिए थे
जांच का नेतृत्व कर रहे मेहसाणा पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के इंस्पेक्टर भावेश राठौड़ ने बताया कि रैकेट के कथित मास्टरमाइंड अमित चौधरी ने 21 छात्रों से 10 लाख से 20 लाख रुपये लिए थे और अहमदाबाद स्थित परीक्षण एजेंसी प्लैनेट ईडीयू के कुछ कर्मचारियों के साथ मिलकर आईईएलटीएस परीक्षा में 6 से 7 बैंड स्कोर करने में उनकी मदद की थी। मेहसाणा 'बी' डिवीजन थाने में चौधरी सहित 45 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी (420), विश्वास का आपराधिक हनन (406), जालसाजी (465) और आपराधिक साजिश (120-बी) में प्राथमिकी दर्ज की गई है। राठौड़ ने बताया कि गोकुल मेनन, उसके साथी फर्नांडीस सावंत और सूरत के एक छात्र संदीप पटेल को गिरफ्तार किया जा चुका है।