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IIMA PhD Reservation: पहली बार पीएचडी प्रवेश में हुई आरक्षण की शुरूआत, आईआईएम अहमदाबाद ने की घोषणा

Tue, 24 Sep 2024 08:30 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

PhD Reservation: आईआईएम अहमदाबाद ने पीएचडी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए कोटा सिस्टम शुरू करने की घोषणा की है। नोटिस में लिखा है, "एडमिशन के दौरान आरक्षण को लेकर भारत सरकार के दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा।"
 
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आईआईएम अहमदाबाद ने पीएचडी प्रवेश में आरक्षण देने का निर्णय लिया है। - फोटो : X (@IIM Ahmedabad)
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विस्तार
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IIM Ahmedabad PhD Reservation: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIMA), अहमदाबाद ने एतिहासिक कदम उठाते हुए पहली बार पीएचडी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आरक्षण सिस्टम की शुरूआत की है।

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इस निर्णय के बाद देश के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति  और अन्य पिछड़ा वर्ग के साथ-साथ विकलांग उम्मीदवारों को देश के शीर्ष बिजनेस स्कूल की ओर से मैनेजमेंट डॉक्टरेट प्रोग्राम (या मैनेजमेंट में फेलो कार्यक्रम) के लिए सक्षम हो सकेंगे।

कोटा सिस्टम लागू करने से संबंधित विस्तृत विवरण आना अभी बाकी है। इस संबंध में अधिसूचना जल्द ही जारी कर दी जाएगी। नोटिस में लिखा है, "एडमिशन के दौरान आरक्षण को लेकर भारत सरकार के दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा।"

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इसलिए लिया गया फैसला, Reservation Policy in PhD Admission

गौरतलब है कि गुजरात उच्च न्यायालय में IIM अहमदाबाद की मौखिक टिप्पणियों के बाद यह निर्णय आया है, जिसमें कहा गया था कि 2025 से आरक्षण मिलेगा।

इस कदम के बाद यदि कोई उम्मीदवार अनुसूचित जाति (एससी)/अनुसूचित जनजाति (एसटी)/विकलांग व्यक्ति (पीडब्ल्यूडी)/गैर-क्रीमी अन्य पिछड़ा वर्ग (एनसी-ओबीसी)/आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) से है तो न्यूनतम पात्रता वाली डिग्री में 5 प्रतिशत अंकों की छूट दी जाएगी।
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दायर हुई थी याचिका, Reservation in IIM Ahmedabad

Global IIM Alumni Network ने गुजरात उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की, जिसमें IIMA के पीएचडी कार्यक्रमों में आरक्षण लागू करने की मांग की गई थी। जनहित याचिका में कहा गया है कि 1971 में शुरू हुए आईआईएमए में पीएचडी कार्यक्रम में आरक्षण न देना संवैधानिक प्रावधानों, केंद्रीय शैक्षिक संस्थान (प्रवेश में आरक्षण) या सीईआरए अधिनियम और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के मानदंडों का “घोर उल्लंघन” है।

आईआईएम अहमदाबाद पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया के अनुसार, प्रबंधन में डॉक्टरेट कार्यक्रम में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को कॉमन एडमिशन टेस्ट के बदले में एक मानक परीक्षा देनी होती है।
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