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सयाजीराव विश्वविद्यालय : देवी-देवताओं की आपत्तिजनक कलाकृतियां बनाने पर छात्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज

Tue, 10 May 2022 07:30 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, छात्र ने अपनी कलाकृतियों में हिंदू देवी-देवताओं को आपत्तिजनक तरीके से चित्रित किया और दर्शाया है। 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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गुजरात के वडोदरा स्थित महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय के ललित कला पाठ्यक्रम के एक छात्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, छात्र ने अपनी कलाकृतियों में हिंदू देवी-देवताओं को आपत्तिजनक तरीके से चित्रित किया है और दर्शाया है। 

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पुलिस ने मंगलवार को बताया कि कुछ दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्यों ने पांच मई को विश्वविद्यालय के ललित कला संकाय के परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया गया कि छात्रों द्वारा बनाई गई कुछ कलाकृतियों में हिंदू देवताओं को आपत्तिजनक तरीके से चित्रित किया गया था।  

स्थानीय पुलिस इंस्पेक्टर आरजी जडेजा ने कहा कि स्थानीय एबीवीपी कार्यकर्ता जयवीर सिंह राउलजी की शिकायत के आधार पर वडोदरा की सयाजीगंज पुलिस ने सोमवार शाम को विश्वविद्यालय के ललित कला के प्रथम वर्ष के छात्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
इंस्पेक्टर जडेजा ने कहा कि छात्र पर भारतीय दंड संहिता की धारा 295ए यानी जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्यों का उद्देश्य किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को उसके धर्म का अपमान करना और 298 यानी किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से शब्द कहने आदि धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही कहा कि आरोपी को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। 


 

बलात्कार के समाचारों की कटिंग से बनाईं कलाकृतियां 

पुलिस को दी शिकायत में, राउलजी ने कहा कि उन्हें पांच मई को अपने व्हाट्सएप पर कुछ आपत्तिजनक कलाकृतियों की तस्वीरें मिलीं, जिन्हें कथित तौर पर ललित कला के छात्रों द्वारा तैयार किया गया था। ये कलाकृतियां बलात्कार के समाचारों की कटिंग से चिपकाकर विभिन्न देवी-देवताओं के कट-आउट के रूप में तैयार की गई थीं। इसलिए एबीवीपी के कुछ सदस्य इस दावे को सत्यापित करने के लिए विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग में पहुंचे थे कि क्या वास्तव में इस तरह की कलाकृतियों को परीक्षा मूल्यांकन के लिए विभागीय प्रदर्शनी में सार्वजनिक तौर पर प्रदर्शन किया जाएगा? 
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बाद में कलाकृतियों को प्रदर्शनी से हटाया गया

परिसर में पूछताछ के बाद, कार्यकर्ताओं को पता चला कि ये कलाकृतियां आरोपी छात्र द्वारा तैयार की गई थीं। छात्र ने उन कलाकृतियों को बनाने की बात स्वीकार की साथ ही उसने कहा था कि वह भविष्य में ऐसी कलाकृतियां फिर से बनाएगा। मामले पर छह मई को विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ विजय कुमार श्रीवास्तव ने आंतरिक जांच कमेटी भी बनाई थी। 
 
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