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Azad Kashmir Controversy: पश्चिम बंगाल बोर्ड के पेपर में आजाद कश्मीर के सवाल पर बवाल, छिड़ी सियासी तकरार

Tue, 17 Jan 2023 11:04 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Azad Kashmir Controversy: सवाल में देश के अभिन्न अंग कश्मीर को आजाद कश्मीर कह कर संबोधित किया गया है। इसे लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी दल भाजपा ने टीएमसी सरकार पर अलगाववादी एजेंडा चलाने का आरोप लगाया है। 
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ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल - फोटो : ANI
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विस्तार
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Azad Kashmir Controversy: पश्चिम बंगाल में बोर्ड परीक्षा के लिए जारी मॉडल प्रश्न पत्र में शामिल एक प्रश्न को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। यह सवाल कोई आम सवाल नहीं था। सवाल में देश के अभिन्न अंग कश्मीर को आजाद कश्मीर कह कर संबोधित किया गया है। इसे लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। राज्य के मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने इसे लेकर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर अलगाववादी एजेंडा चलाने का आरोप लगाया है। वहीं, मामला केंद्र सरकार तक भी पहुंच गया है। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ सुभाष सरकार ने इस मामले की त्वरित जांच की मांग की है।  

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यह है पूरा विवाद

दरअसल, पश्चिम बंगाल बोर्ड के मॉडल प्रश्न पत्र की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें विद्यार्थियों को नक्शे में "आजाद कश्मीर" चिह्नित करने के लिए कहा गया है। बाद में सामने आया कि आजाद कश्मीर पर प्रश्न पेपर सेट करने वाला यह मामला पश्चिम बंगाल के मालदा जिला अंतर्गत रामकृष्ण मिशन विवेकानंद विद्या मंदिर स्कूल का है। 12वीं की स्कूली परीक्षा में 2.4. ए प्रश्न में दिया गया है कि भारत के मानचित्र में निम्नलिखित स्थानों को चिन्हित करें। इसके बाद पहला ऑप्शन है "आजाद कश्मीर"। खास बात यह है कि पूरा कश्मीर भारत का हिस्सा है लेकिन राज्य के इस स्कूल की परीक्षा में आजाद कश्मीर को मानचित्र पर दर्शाने संबंधित सवाल को लेकर विवाद गहरा गया है। 

स्कूल प्रबंधन ने दी सफाई

इस संबंध में स्कूल के प्रधानाध्यापक स्वामी तपहरणनंद ने बताया कि हमारे इतिहास विभाग के शिक्षक ने इस प्रश्न पत्र को तैयार किया है। उनका कोई गलत इरादा नहीं है बल्कि इतिहास में इस तरह की बातें कही गई है इसीलिए यह प्रश्न शामिल किया गया है। इसके पहले भी इस तरह के प्रश्न पत्र तैयार किए गए हैं। जिसमें ऐसे प्रश्नों को उन्होंने देखा है। इसमें केवल इतिहास के एक तथ्य को रखा गया है। इरादा कहीं गलत नहीं था।

प्रकाशक एवं पेपर सेटर के विरुद्ध कार्रवाई हो - केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री सुभाष सरकार ने मंगलवार को इस मामले की राज्य स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को राज्य सरकार को हल्के में नहीं लेना चाहिए। बांकुरा के सांसद ने कहा कि मैं राज्य के शिक्षा मंत्री से इस मुद्दे पर गौर करने का आग्रह करता हूं। यदि यह सत्य पाया जाता है तो प्रकाशक एवं पेपर सेटर के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए। साथ ही टेस्ट पेपर को तुरंत वापस ले लिया जाना चाहिए और प्रश्न को हटा दिया जाना चाहिए। सरकार ने आगे कहा कि अगर यह घटना सच है, तो इसकी जिम्मेदार टीएमसी सरकार की तुष्टीकरण की राजनीति को दिया जा सकता है, जिसने कुछ लोगों को टेस्ट पेपर में देश-विरोधी प्रश्न डालने के लिए प्रेरित किया है।

 

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पश्चिम बंगाल बोर्ड के अध्यक्ष बोले- कार्रवाई करेंगे

वहीं, पश्चिम बंगाल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन के अध्यक्ष रामानुज गांगुली ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और उसके अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हम अभी तक नहीं जानते हैं कि टेस्ट पेपर सेटर ने इस तरह के प्रश्न को क्यों शामिल किया। हम इसका पता लगाएंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे। उधर, टीएमसी के राज्य प्रवक्ता कुणाल घोष ने बाद में कहा कि उनकी पार्टी किसी भी गलत चीज का समर्थन नहीं करती है। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने ऐसा प्रश्न बनाया है तो उसने गलत काम किया है। 
 
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