असम बोर्ड ने अभी तक दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया है। सूबे के शिक्षा मंत्री का कहना है कि जल्द ही दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को लेकर निर्णय लिया जाएगा। शिक्षा मंत्री रनोज पेगुस ने ट्विट कर छात्रों को आश्वासन दिया कि नीट और जेईई सहित संबंधित मुद्दों पर विचार करने के बाद दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं के संबंध में अंतिम निर्णय जल्द ही लिया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि एचएसएलसी और एचएस परीक्षा पर बहुमूल्य जानकारी के लिए सभी का धन्यवाद। इससे पहले असम सरकार ने कहा था कि राज्य में दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
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हालांकि, छात्रों को पेपर का विकल्प दिया जाएगा और उन्हें सभी पेपर के लिए उपस्थित नहीं होना होगा। महामारी के बीच परीक्षा कैसे आयोजित की जाएगी इस बारे में एक विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द ही जारी होने की संभावना है। शिक्षा मंत्री ने पहले कहा था कि सूबे में मैट्रिक और एचएस परीक्षा 15 अगस्त तक खत्म हो जाएगी। हमने पर्याप्त परीक्षा केंद्रों की पहचान की है, जो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से बाहर हैं, जहां परीक्षाएं निर्बाध रूप से आयोजित की जा सकती हैं। राज्य में कोविड के मामले कम हो रहे हैं। हम परीक्षा आयोजित करने के लिए बहुत आशान्वित हैं।
बता दें कि 1 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सीबीएसई बोर्ड की बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द करने के बाद कई राज्यों के बोर्ड ने बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। वहीं, असम सरकार दसवीं व बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को कराने के पक्ष में है, लेकिन अभी इस पर अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है।