शिक्षा मंत्रालय (एमओई) के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT) के स्नातक पाठ्यक्रमों में महिला छात्रों का नामांकन 2016 में आठ प्रतिशत से बढ़कर 2021 में 20 प्रतिशत हो गया है। एक सवाल के जवाब में राज्यसभा में जानकारी साझा करते हुए केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने कहा कि एसटीईएम (STEM) यानी विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित पाठ्यक्रमों में छात्राओं के नामांकन में लगातार सुधार हुआ है।
उन्होंने कहा कि आईआईटी में स्नातक कार्यक्रमों में महिला नामांकन में सुधार के लिए, अतिरिक्त सीटें बनाई गईं, जो 2016 में महिला नामांकन 8 प्रतिशत से बढ़कर 2021-22 में 20 हो गईं। इसी तरह, एनआईटी में लड़कियों का नामांकन 2021-22 में लगभग 22.1 प्रतिशत हो गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) देश भर की छात्राओं को उच्च शिक्षा और अनुसंधान के लिए प्रोत्साहित करने के लिए विशेष स्नातकोत्तर छात्रवृत्ति प्रदान करता है।
इसी तरह, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद भी तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने वाली लड़कियों को 10,000 छात्रवृत्ति प्रदान कर रही है। उच्च शिक्षा पर अखिल भारतीय सर्वेक्षण (AISHE) की रिपोर्ट के अनुसार, एसटीईएम पाठ्यक्रमों में नामांकित महिला छात्रों की संख्या 2016-17 में 41.97 लाख से बढ़कर 2020-21 में 43.87 लाख हो गई है।