इतना ही नहीं, लेट फीस भी अब दोगुनी कर दी गई है। 10वीं के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित की गई है। इसके बाद बोर्ड विलंब शुल्क 2000 रुपये प्रति छात्र वसूलेगा। गत वर्ष तक यह शुल्क 1000 रुपये थी।
बोर्ड ने 12वीं की प्रयोगात्मक परीक्षा के शुल्क में भी बढ़ोतरी कर दी है। गत वर्ष तक बोर्ड हर छात्र से प्रति विषय 80 रुपये वसूलता था। इस सत्र से छात्रों को प्रति विषय 150 रुपये देने होंगे। वहीं, माईग्रेशन सर्टिफिकेट का शुल्क 350 रुपये निर्धारित किया गया है।
परीक्षा पैटर्न में क्या होंगे बदलाव
जो विद्यार्थी वर्ष 2020 में 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा देने जा रहे हैं, उन्हें परीक्षा के अलग पैटर्न का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि बोर्ड ने अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की है। लेकिन बोर्ड के एक अधिकारी के हवाले से बदलावों की योजना के बारे में बताया गया है। जानें, वो बदलाव क्या हो सकते हैं।
12वीं के लिए क्या नया
इंटरनल असेसमेंट : 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए बोर्ड परीक्षा में इंटरनल असेसमेंट को ज्यादा महत्व दिए जाने की तैयारी है। साइंस के साथ-साथ छात्र-छात्राओं को आर्ट्स के विषयों में इंटरनल असेसमेंट देना होगा और दोनों के अंक समान होंगे।
ज्यादा ऑब्जेक्टिव : पेपर पैटर्न में बदलाव करते हुए, अगले साल से बोर्ड परीक्षा में ज्यादा ऑब्जेक्टिव सवालों पर जोर दिया जाएगा।
प्रैक्टिकल परीक्षा : अगले साल से स्टूडेंट्स को थ्योरी की तरह ही प्रैक्टिकल परीक्षा भी एक्सटर्नल सेंटर्स पर देनी होगी। अब तक प्रैक्टिकल परीक्षाएं होम सेंटर (स्टूडेंट के अपने स्कूल जहां से वह पढ़ाई कर रहा है) पर ही होती थीं। किसी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए बोर्ड ने यह फैसला किया है। खबर के अनुसार, प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए भी स्टूडेंट्स को अलग से एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे।
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10वीं कक्षा के लिए नया क्या
कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में इंग्लिश और मैथ्स में इंटरनल मार्किंग सिस्टम लागू करने और मैथ्स के दो स्तर का विकल्प देने के बाद अब बोर्ड पेपर पैटर्न में बदलाव करने की तैयारी में है।
लंबे उत्तर वाले सवाल : 12वीं से उटल 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए आने वाली बोर्ड परीक्षा में ऑब्जेक्टिव सवालों की संख्या कम की जा सकती है। बोर्ड लंबे उत्तर वाले सवालों की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रहा है।
सवाल कम अंक ज्यादा : बोर्ड का एक पैनल इस बात पर भी विचार कर रहा है कि परीक्षा में सवालों की संख्या कम कर प्रति सवाल अंकों की संख्या बढ़ाई जाए।
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कॉपियां जांचने का नियम भी बदलेगा
बोर्ड अगली बोर्ड परीक्षा से कॉपियां जांचने के नियम में भी बदलाव करने की योजना बना रहा है। इसके अनुसार, अब तक एक एग्जामिनर 25 कॉपियां जांचता था। लेकिन आगे से एक एग्जामिनर को 20 कॉपियां ही दी जाएंगी। ताकि किसी तरह की गलती की कोई संभावना न रहे।
हालांकि बोर्ड अधिकारी ने ये भी कहा है कि विद्यार्थियों को इसके लिए ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। पूरा पैटर्न नहीं बदलेगा।
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