फोर्डा ने कहा, कट-ऑफ कम करके, यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि "बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवारों को इन रिक्त सीटों को भरने का अवसर दिया जाए"। इस मुद्दे के आलोक में, "हम विनम्रतापूर्वक आपसे अनुरोध करते हैं कि NEET-PG 2023 परीक्षा के लिए कट-ऑफ स्कोर कम करने की संभावना पर विचार करें"।
हाल ही में, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने मंडाविया को पत्र लिखकर एनईईटी-पीजी 2023 कट-ऑफ प्रतिशत में 30 प्रतिशत तक की कमी करने की मांग की थी ताकि अधिकांश सीटें क्लिनिकल और गैर-क्लिनिकल दोनों शाखाओं में भरी जा सकें।