रविवार को कथित तौर पर उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) का पेपर लीक होने की वजह से राज्य सरकार ने परीक्षा निरस्त करने का फैसला लिया। जिसके बाद से ही राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का सीलसीला शुरू हो गया।
क्या है सच?
पड़ताल करने के बाद यह तथ्य सामने आया कि यह तस्वीर यूपीटीईटी का इंतजार कर रहे युवाओं की नहीं है, बल्कि राजस्थान के बेरोजगार युवाओं की है, जो 27 नवंबर को यूपी में प्रियंका गांधी वाड्रा के घर उनसे मिलने के लिए आए थे।
कांग्रेस: यूपी कांग्रेस के नेताओं ने भी इस तरह के विरोध को स्वीकार किया लेकिन इसके लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया। पार्टी प्रवक्ता अनु अवस्थी ने कहा, 'क्योंकि प्रियंका जी रोजगार के मुद्दे उठा रही हैं, इसलिए हमें परेशान करने के लिए बीजेपी और आरएसएस द्वारा ये योजना बनाई जा रही है। लेकिन हम एक लोकतांत्रिक पार्टी हैं, हमने उनकी चिंता पर ध्यान दिया है।"