प्रस्तावित संस्थाने के बारे में कहा गया है कि यह उच्च शिक्षा की पहुंच और गुणवत्ता में वृद्धि करेगा और तेलंगाना के लोगों के लिए उच्च शिक्षा और अनुसंधान सुविधाओं को सुविधाजनक बनाएगा और बढ़ावा देगा। यह भारत की जनजातीय आबादी को जनजातीय कला, संस्कृति और रीति-रिवाजों और प्रौद्योगिकी में उन्नति में निर्देशात्मक और अनुसंधान सुविधाएं प्रदान करके उन्नत ज्ञान को भी बढ़ावा देगा।
आदिवासी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने के अलावा, केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय किसी भी अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालय की तरह सभी शैक्षणिक और अन्य गतिविधियां संचालित करेगा। आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 के तहत तेलंगाना में एक केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना अनिवार्य है।
केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 2009 विभिन्न राज्यों में शिक्षण और अनुसंधान के लिए विश्वविद्यालयों की स्थापना और समावेशन के लिए अधिनियमित किया गया था। समय-समय पर कानून में बदलाव किया जाता है।