केंद्रीय कौशल विकास व उद्यमशीलता मंत्रालय के साथ मिलकर जर्मन वर्सिटी एआई व एप्लीकेशन टेक्नोलॉजी लीडरशिप, इंटरनेशनल मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी लीडरशिप, मेक्ट्रोनिक्स, रोबोटिक्स, 5जी और टेक्नोलॉजी लीडरशिप कोर्स में पढ़ाई करवाएगी।
दस महीने के इन सर्टिफिकेट कोर्स में ऑनलाइन मोड से ट्रेनिंग भी करवाई जाएगी। इन कोर्स से युवा अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर वैश्विक स्तर पर खुद को अपग्रेड कर सकेंगे।
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय कौशल विकास व उद्यमशीलता मंत्रालय के तीन सेक्टर स्किल काउंसिल ने जर्मन वर्सिटी के साथ मिलकर तीन पाठ्यक्रमों में पढ़ाई को मंजूरी दी है।
जर्मन वर्सिटी के नैनो मास्टर कार्यक्रम को मान्यता देते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर काउंसिल ऑफ इंडिया (ईएसएससीआई), मैनेजमेंट, एंटरप्रेन्योरशिप एंड प्रोफेशनल स्किल्स काउंसिल (एमईपीएससी), और ऑटोमोटिव स्किल्स डेवलपमेंट काउंसिल (एएसडीसी) के साथ समझौता हस्ताक्षर किए हैं।
इसके अलावा जर्मन वर्सिटी ने दयानंद सागर, एमआईटी एडीटी, एमिटी यूनिवर्सिटी, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी रोपड़, चेन्नई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी समेत कई अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर भी पढ़ाई करवाएगा। वहीं, केआर मंगलम विश्वविद्यालय (गुरुग्राम) और शारदा विश्वविद्यालय (नोएडा) ने भी इन कोर्स में पढ़ाई के लिए समझौता किया है।
जर्मनी में भविष्य बनाने वाले छात्रों और पेशेवरों को मिलेगीे मदद
जर्मन वर्सिटी के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, जर्मनी में करियर बनाने का लक्ष्य रखने वाले इच्छुक छात्रों और पेशेवरों के लिए यह कोर्स मुख्य रूप से तैयार किए गए हैं। इसके माध्यम से कौशल विकास की कमी को दूर किया जा सकेगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी युवाओं के लिए रोजगार के मौके उपलब्ध हैं, लेकिन उसके लिए उन्हें सही स्किल ट्रेनिंग और सर्टिफिकेट की जरूरत है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)2020 के तहत जर्मन वर्सिटी इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप, सेमेस्टर एक्सचेंज, ड्युअल डिग्री कार्यक्रम, मास्टर पाठ्यक्रम, स्नातक पाठ्यक्रम आदि पाठ्यक्रम तैयार किए हैं।