जीत के बाद आर्यन मान और दीपिका झा ने दी अपनी प्रतिक्रिया
जीत के बाद नवनिर्वाचित अध्यक्ष आर्यन मान ने कहा, "मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। पिछले 5 वर्षों का मेरा सपना पूरा हुआ। आज मैं दिल्ली विश्वविद्यालय के हर छात्र का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जिनकी बदौलत मैं 16,000 वोटों के अंतर से जीता। हमने NSUI को फिर करारा जवाब दिया और 3-1 से जीत हासिल की। कैंपस में छात्राओं के लिए कई डार्क स्पॉट हैं, हम उन डार्क स्पॉट्स में लाइटें लगवाएंगे।"
दीपिका झा बिहार की रहने वाली हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय के लक्ष्मीबाई कॉलेज से स्नातक हो चुकी हैं। वर्तमान में वे बौद्ध अध्ययन विभाग में पढ़ रही हैं। छात्राओं और युवाओं के बीच सामाजिक जागरूकता फैलाने वाले कार्यक्रमों में सक्रिय, दीपिका एबीवीपी के स्टूडेंट्स फॉर सेवा प्रकल्प और बस्ती की पाठशाला, ऋतुमति अभियान जैसी पहलों में भाग लेती रही हैं।
वहीं नवनिर्वाचित संयुक्त सचिव दीपिका झा ने कहा, "यह सिर्फ मेरी जीत नहीं है, यह डीयू के सभी छात्रों की जीत है, खासकर उन छात्रों की जो प्रवासी हैं और डीयू में रह रहे हैं और पढ़ रहे हैं। मैं एबीवीपी और डीयू के छात्रों को उनके समर्थन के लिए सारा श्रेय देती हूं। वे वोट चोरी की बात करते हैं, लेकिन उनका अपना उम्मीदवार 8,000 वोटों से जीता है, इसलिए अब हम कह सकते हैं कि वे वोट भी चुराते हैं।"
हरियाणा के बहादुरगढ़ से आने वाले आर्यन मान ने हंसराज कॉलेज से स्नातक किया है और अब दिल्ली विश्वविद्यालय से लाइब्रेरी साइंस की पढ़ाई कर रहे हैं। खेलों में रुचि रखने वाले आर्यन फुटबॉल खिलाड़ी भी हैं। उन्होंने एबीवीपी के तहत फीस वृद्धि विरोध, कैम्पस बुनियादी ढांचे के विकास और अन्य छात्रों के आंदोलन में सक्रिय योगदान दिया है।