अध्यक्ष पद के प्रत्याशी आर्यन मान, सचिव पद प्रत्याशी कुणाल चौधरी और संयुक्त सचिव पद प्रत्याशी दीपिका
- फोटो : अमर उजाला
एनएसयूआई को एक पद पर सफलता
एबीवीपी के कुणाल चौधरी ने 23,779 वोट हासिल कर एनएसयूआई के कबीर को हराकर सचिव पद जीता। एबीवीपी की दीपिका झा ने लवकुश भड़ाना को हराकर केंद्रीय पैनल में संयुक्त सचिव पद जीता।
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) दोनों को संयुक्त रूप से कोई सफलता नहीं मिली।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पार्टी ने "इस अजीब चुनाव में अच्छी लड़ाई लड़ी - न केवल एबीवीपी के खिलाफ, बल्कि डीयू प्रशासन, दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, आरएसएस-भाजपा और दिल्ली पुलिस की संयुक्त ताकत के खिलाफ"।
"फिर भी डीयू के हजारों छात्र हमारे साथ मजबूती से खड़े रहे और हमारे उम्मीदवारों ने अच्छा प्रदर्शन किया। एनएसयूआई पैनल से नवनिर्वाचित डूसू उपाध्यक्ष राहुल झांसला और विजयी हुए सभी अन्य पदाधिकारियों को शुभकामनाएं। हार हो या जीत, एनएसयूआई हमेशा आम छात्रों, उनके मुद्दों और डीयू को बचाने के लिए लड़ती रहेगी। हम और मजबूत होते जाएंगे।"
2024 के डूसू चुनावों में, एनएसयूआई ने सात साल के अंतराल के बाद अध्यक्ष पद और संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल की थी। एबीवीपी ने उपाध्यक्ष पद और सचिव पद पर कब्जा जमाकर छात्र संघ में अपनी उपस्थिति बरकरार रखी।