दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (Delhi University School of Open Learning - DU SOL) में अब सही समय पर मूल्यांकन व रिजल्ट जारी होगा। दरअसल प्रशासन मूल्यांकन के लिए गेस्ट फैकल्टी, तदर्थ शिक्षकों के साथ-साथ एसओएल से सेवानिवृत्त शिक्षकों का सहयोग ले रहा है। एनसीवेब (NCWEB) या रेगुलर कॉलेजों में यह शिक्षक अपनी सेवाएं न दें, इसके लिए उनसे शपथ पत्र भी भरवाया जा रहा है। जिससे कि वह अन्य जगहों पर फुल टाइम नियुक्ति न लें।
स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग में चालू सत्र से च्वॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (CBCS) लागू किया गया है। इस कारण से इस बार यहां सेमेस्टर परीक्षाएं होंगी। बीते कई साल से वार्षिक परीक्षाएं होती आई हैं। यहां रेगुलर सिस्टम से अलग सिस्टम रहा हैै। पूरा सिस्टम अलग होने के कारण उत्तर पुस्तिकाएं जांचने में देरी होती आई है। इस कारण रिजल्ट जारी करने में भी देरी होती थी। अब प्रशासन का प्रयास है कि किसी प्रकार से उत्तर पुस्तिकाओं की जांच समय से हो, जिससे कि समय से रिजल्ट जारी हो सके।
ये भी पढ़ें : Delhi University: डीयू में बंद होगी कट ऑफ की होड़, अब इस तरह होगा प्रवेश
अधिकारियों के अनुसार, एसओएल की पर्सनल कॉन्टैक्ट प्रोग्राम (PCP) कक्षाएं उन्हीं शिक्षकों को पढ़ाने के लिए दी जा रही हैं जो कहीं नहीं पढ़ा रहे। इन्हीं शिक्षकों से मूल्यांकन करने की सेवाएं भी ली जाएंगी। इसके लिए इन शिक्षकों से एक शपथ पत्र भरवाया जा रहा है कि वह अन्य जगह नहीं पढ़ाएंगे। शपथ पत्र में यह भी लिखा है कि जरूरत पड़ने पर यह शिक्षक मूल्यांकन कार्य में भी सहयोग करेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, यह तभी संभव होगा जब डीयू का परीक्षा विभाग स्वीकार करेगा। उल्लेखनीय है कि अभी एसओएल के लिए अलग परीक्षा विभाग नहीं है। डीयू परीक्षा विभाग के माध्यम से ही परीक्षाएं कराई जाती हैं, मूल्यांकन होता है और रिजल्ट जारी होता है।
ये भी पढ़ें : कौन सी डिग्री हैं UIDAI के नए CEO पंकज कुमार के पास? पहले करते थे ये काम