लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के विपरीत बताया था पैसा जमा करना
याचिका में कहा गया था कि अधिसूचना के तहत चुनाव उम्मीदवारों को खुद या उनके समर्थकों द्वारा संभावित नुकसान या उल्लंघनों के लिए एक बॉन्ड भरना अनिवार्य था। याचिका में यह भी दावा किया गया कि यह प्रावधान लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के विपरीत है। यह याचिका अंजली और अभिषेक कुमार द्वारा दायर की गई थी, जिन्होंने दावा किया कि वे डीयू के छात्र हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनावों में भाग लेना चाहते हैं।
याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि इस "पूर्व रोकथाम वित्तीय प्रावधान" ने धन के आधार पर एक मनमानी वर्गीकरण उत्पन्न किया है, जिससे सामान्य छात्रों को बाहर रखा गया जबकि संपन्न छात्रों को लाभ पहुंचा। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता और गैर-मनमानी), 19(1)(a) (लोकतांत्रिक भागीदारी में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) और 21 (जीवन का अधिकार और समान अवसर) का उल्लंघन बताया।