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CUET : केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले का मसौदा तैयार, मेरिट स्कोर के आधार पर दाखिले के प्रस्ताव को मंजूरी

Wed, 15 Feb 2023 06:26 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

इसके अलावा इसी सत्र से चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट, अकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट, एक साथ दो डिग्री की पढ़ाई, इंटर्नशिप, रिसर्च, छात्रों को सामाजिक सरोकार, भारतीय परंपरा व संस्कृति से जोड़ने, वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई और विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर डयूल डिगी, एकल डिग्री शुरू करनी होगी।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : PTI
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विस्तार
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देश के सभी 45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक प्रोग्राम के पहले वर्ष में दाखिला सीयूईटी यूजी 2023 की मेरिट स्कोर के आधार पर ही मिलेगा। यूजीसी चेयरमैन और सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की मंगलवार को आगामी शैक्षणिक सत्र 2023-24 में दाखिला और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी)को लागू करने को लेकर बैठक आयोजित हुई। इसमें यूजीसी ने सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया गया कि वे स्नातक प्रोग्राम के पहले वर्ष में दाखिला सीयूईटी यूजी की मेरिट के आधार पर देंगे।

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इसके अलावा इसी सत्र से चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट, अकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट, एक साथ दो डिग्री की पढ़ाई, इंटर्नशिप, रिसर्च, छात्रों को सामाजिक सरोकार, भारतीय परंपरा व संस्कृति से जोड़ने, वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई और विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर डयूल डिगी, एकल डिग्री शुरू करनी होगी। यह जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) चेयरमैन प्रोफेसर एम जगदीश कुमार ने कहा है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने शैक्षणिक सत्र 2023-24 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों के तहत दाखिला, पाठ्यक्रम, कोर्स आदि पर तैयारी शुरू कर दी है।

यूजीसी और केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक में सभी आगामी शैक्षणिक सत्र में दाखिला से लेकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने आदि पर बात हुई। यूजीसी ने कुलपतियों को निर्देश दिया है कि दाखिला सीट सीयूईटी यूजी की मेरिट से होंगे। सभी विश्वविद्यालयों को अकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी)के लिए पंजीकरण करना जरूरी होगा और छात्रों को भी इसकी जानकारी देनी होगी। अपनी वेबसाइट पर एबीसी की जानकारी अपलोड करनी पड़ेगी। स्नातक, स्नातकोत्तर प्रोग्राम में छात्रों को उनकी सुविधा के अनुसार मल्टीपल एंट्री-एग्जिट की सुविधा के साथ अकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट का लाभ भी देना होगा।
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शिक्षकों की कमी न बनें बाधा
यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को सभी खाली पद जल्द से जल्द भरने का निर्देश दिया है। इसके अलावा प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस को लागू करने और इस योजना के तहत अपने -अपने क्षेत्रों के विशेषज्ञों को भर्ती कर सकते हैं। पूर्व छात्रों का भी सहयोग लिया जा सकता है।

  • यूजीसी चेयरमैन और केंद्रीय विवि के कुलपतियों की बैठक में लिया गया निर्णय।

ऑनलाइन कोर्स जरूरी
छात्रों को डिग्री प्रोग्राम में कोर्स, माध्यम चुनने की आजादी होगी। इसमें डिस्टेंस लर्निंग मोड, ऑनलाइन डिग्री शामिल है। विश्वविद्यालयों को ऑनलाइन काेर्स में छात्रों को जोड़ने के लिए स्वयं पर काम करना होगा।

बहुविकल्पीय, कौशल, मानवीय मूल्यों पर काम
स्नातक और स्नातकोत्तर प्रोग्राम के छात्रों को बहुविकल्पीय पढ़ाई का मौका, मार्केट डिमांड के आधार पर कौशल विकास, मानवीय मूल्य, समाज, लोगों व देश के प्रति जिम्मेदारियों के आधार पर पढ़ाई करवानी होगी। अधिक से अधिक सर्टिफिकेट कोर्स, डिप्लोमा कोर्स शुरू करने होंगे, ताकि छात्रों के पास अधिक मौके उपलब्ध हों। छात्रों के संपूर्ण विकास पर काम करना होगा।

इंटर्नशिप में रिसर्च और कम्यूनिटी आउटरीच जरूरी
स्नातक प्रोग्राम के छात्रों क अब इंटर्नशिप अनिवार्य होगी। इसमें छात्रों को किताबी और मार्केट डिमांड के आधार पर कौशल विकास के साथ प्रशिक्षण मिलेगा। इसके अलावा छात्रों

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को फील्ड में जाकर कम्यूनिटी आउटरीच और प्रोजेक्ट पर काम करना होगा। उद्योगों के साथ मिलकर इंटर्नशिप प्रोग्राम चलाये जा सकते हैं।

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