इसमें कहा गया है कि कुल बिस्तरों का कम से कम 15 प्रतिशत गहन देखभाल इकाई (ICU) बिस्तर या उच्च निर्भरता इकाई (HDU) बिस्तर विशेष रूप से उस विभाग का होना चाहिए। 2023 के दिशानिर्देशों में कहा गया है कि अस्पतालों में अनिवार्य रूप से बायोकैमिस्ट्री, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और रेडियो डायग्नोसिस के चार विभाग होंगे।
बिस्तरों की संख्या के साथ-साथ उस अस्पताल में, रेडियो-डायग्नोसिस, एनेस्थीसिया, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकैमिस्ट्री विषयों में संकाय, बुनियादी ढांचे और अन्य कर्मचारियों में आनुपातिक वृद्धि होगी। साथ ही, यदि विभाग में कार्यभार अधिक है तो संकाय और बुनियादी ढांचे में आनुपातिक वृद्धि होगी।
स्नातकोत्तर छात्रों की ट्रेनिंग के लिए विभागों के पास पाठ्यक्रम की आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त संख्या में नवीनतम इन-हाउस उपकरण होंगे, जिनका संचालन और प्रबंधन संबंधित विभाग द्वारा किया जाएगा।
ड्राफ्ट में दिए गए दिशानिर्देशों के अनुसार, सामान्य चिकित्सा में औसत दैनिक बाह्य रोगियों की संख्या 50 से कम नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा बाकी स्पेशलिटीज में औसत दैनिक बाह्य रोगियों की संख्या कम से कम 25 होनी चाहिए।
दिशानिर्देशों में कहा गया है कि सर्जिकल पाठ्यक्रम करने वाले स्नातकोत्तर छात्रों को सप्ताह में कम से कम दो पूरे दिन ऑपरेशन थिएटर प्रशिक्षण मिलना चाहिए, जबकि दूसरे वर्ष के बाद, प्रशिक्षुओं को सप्ताह में पूरे दो दिन पहले सहायक/पर्यवेक्षित प्रदर्शन के रूप में प्रशिक्षण मिलेगा।
दिशानिर्देशों में कहा गया है कि विभिन्न विभागों या प्रयोगशालाओं में की गई जांच के रिकॉर्ड का डिजिटल डेटा होना चाहिए। कुल जैव रासायनिक जांच अस्पताल के कुल दैनिक ओपीडी का कम से कम 15 प्रतिशत होना चाहिए और कुल सूक्ष्मजीवविज्ञानी जांच अस्पताल के कुल दैनिक ओपीडी का कम से कम पांच प्रतिशत होना चाहिए।