आंध्र प्रदेश के राज्यपाल बिस्वा भूषण हरिचंदन ने विजयवाड़ा स्थित डॉ एनटीआर स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय का नाम बदलकर डॉ वाईएसआर स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय करने को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में आदेश आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा सोमवार 31 अक्तूबर को पारित किया गया था। विधानसभा द्वारा विश्वविद्यालय का नाम बदलने के लिए कानून में संशोधन किया गया था। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने सोमवार को विधानसभा द्वारा पेश किए गए कानून में संशोधन को मंजूरी दे दी। राज्यपाल की मंजूरी के बाद प्रमुख सचिव कृष्णा बाबू ने संशोधित कानून को लागू करने के आदेश जारी किए। जिसके बाद अब आंध्र प्रदेश में डॉ एनटीआर स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय को डॉ वाईएसआर स्वास्थ्य विश्वविद्यालय कहा जाएगा।
सदन में लाया गया था विधेयक
दरअसल आंध्र प्रदेश विधानमंडल के दोनों सदनों में वाई एस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार ने एनटीआर यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (यूएचएस) का नाम बदलकर वाईएसआर यूएचएस करने के लिए एक विधेयक लाया था। पांच दिवसीय मानसून सत्र के अंत में, विपक्षी तेलुगु देशम पार्टी और अन्य के कड़े विरोध के बीच विधान परिषद ने विधेयक को मंजूरी दे दी थी। इससे पहले विधानसभा ने तेलुगु देशम पार्टी के 12 सदस्यों को सदन से 'निलंबित' किए जाने के बाद विधेयक पारित किया था।
सीएम ने नाम बदलने को ठहराया सही
मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने अपने दिवंगत पिता वाई एस राजशेखर रेड्डी के नाम पर यूएचएस का नाम बदलने को सही ठहराया, जो 1986 में तेलुगु किंवदंती और पूर्व मुख्यमंत्री नंदामुरी तारक रामा राव के दिमाग की उपज के रूप में स्थापित देश का पहला ऐसा विश्वविद्यालय था। मुख्यमंत्री जगन मोहन ने कहा "मेरे पिता एक एमबीबीएस डॉक्टर थे। उन्होंने ही आरोग्य श्री, 108 (एम्बुलेंस) और 104 (मोबाइल क्लीनिक) जैसी योजनाओं की शुरुआत की थी। उन्होंने ही 2004 से 2009 के बीच मुख्यमंत्री के रूप में राज्य में तीन नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए थे। सीएम जगन मोहन ने कहा कि उनकी सरकार अब 17 नए मेडिकल कॉलेज खोल रही है। इसलिए, राज्य के कुल 28 मेडिकल कॉलेजों में से 20 वाईएसआर या उनके बेटे के कारण हैं। उन्होंने कहा कि अपने शासन के दौरान टीडीपी ने एक भी मेडिकल कॉलेज की स्थापना नहीं की थी । सीएम जगन ने कहा कि यूएचएस का नाम बदलने का निर्णय पूरी तरह से परामर्श के बाद लिया गया था।