वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में छात्रों को खुद को एक ऐसे ही माहौल में ढालने की कोशिश करनी चाहिए, जहां उनका मुकाबला एक बराबर उम्र वाले मेधावी छात्रों से हो। इसका सबसे बेहतरीन जरिया है ओलंपियाड जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होना। ओलंपियाड राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समान शैक्षणिक स्तर पर अन्य छात्रों के साथ कौशल, ज्ञान, क्षमता, आईक्यू और रचनात्मकता के आधार पर प्रतिस्पर्धा करने का एक जरिया है। इसके जरिये अंकगणित, भौतिकी, कंप्यूटर प्रौद्योगिकी या अंग्रेजी जैसे विषयों में कौशल विकसित होते हैं। दसवीं तक के छात्र जूनियर साइंस ओलंपियाड में, जबकि 11वीं व 12वीं के छात्र सीनियर ओलंपियाड में शामिल हो सकते हैं। ओलंपियाड में सफल होने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातों को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है।