डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह
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दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति का कहना है कि छात्रों को आर्ट ऑफ कोलैबोरेशन सिखाई जानी चाहिए, ताकि उन्हें बेहतर नौकरियां मिल सकें और वे सहयोग की भावना से काम कर सकें। डीयू के वीसी प्रोफेसर योगेश सिंह ने गुरुवार को कहा कि छात्रों को नौकरी के अच्छे अवसर खोजने में मदद करने के लिए आर्ट ऑफ कोलैबोरेशन यानी सहयोग की कला सिखाई जानी चाहिए।
कंपनी के प्रति वफादार, प्रतिबद्ध और ईमानदार रहें
विश्वविद्यालय के केंद्रीय प्लेसमेंट प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित तीन दिवसीय रोजगार मेले के उद्घाटन के अवसर पर कुलपति ने छात्रों से कंपनी के प्रति वफादार, प्रतिबद्ध और ईमानदार रहने का आग्रह किया। उन्होंने भारतीय युवाओं को बहुत खराब टीम प्लेयर बताकर टिप्पणी भी की। साथ ही उन्होंने शिक्षकों से सहयोग का माहौल बनाने का आग्रह भी किया।
साल भर लगातार होते रहे हैं ऐसे आयोजन
उन्होंने कहा कि मैं इस मंच को मजबूत करने के लिए डीन स्टूडेंट वेलफेयर से अनुरोध करूंगा कि यह प्लेसमेंट और रोजगार मेला एक बारहमासी यानी वर्ष पर्यंत गतिविधि की तरह होनी चाहिए। प्रोफेसर सिंह ने कहा कि जब भी कोई कंपनी साल के किसी भी समय दिल्ली विश्वविद्यालय आना चाहती है, तो उन्हें अनुमति दी जानी चाहिए।
हमें इसके लिए बहुत मेहनत करनी चाहिए
कार्यक्रम के दौरान कुलपति प्रो सिंह ने अन्य प्रोफेसरों से अपील करते हुए कहा कि हमें बचपन से ही बच्चों को सहयोग की कला सिखानी चाहिए। कृपया, आप लोग इस पर काम करें। हमें इसके लिए बहुत मेहनत करनी चाहिए।
पहले दिन 23 कंपनियों में 1850 छात्रों ने दिए इंटरव्यू
बता दें कि आयोजन के पहले दिन 650 छात्रों ने ऑफलाइन साक्षात्कार में और 1,200 छात्रों ने ऑनलाइन साक्षात्कार में भाग लिया। डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रोफेसर पंकज अरोड़ा ने बताया कि 13 कंपनियों ने ऑफलाइन मोड में भाग लिया जबकि 10 ने ऑनलाइन मोड में भाग लिया। शुक्रवार को यह आयोजन ऑनलाइन मोड में होगा और इसमें 20 कंपनियों के भाग लेने की उम्मीद है।