प्राप्त जानकारी के मुताबिक विश्वविद्यालय ने अभूतपूर्व स्थिति को ध्यान में रखते हुए, छात्रों की सुविधा के लिए, शुल्क संरचना और पात्रता मानदंड पिछले वर्ष की तरह ही रखे हैं। इसके साथ ही कॉलेजों से कहा गया है कि वे छात्रों से कोई अतिरिक्त फॉर्म न भरने को कहें।
इस वर्ष, प्रवेश प्रक्रिया के लिए आवेदन करने से लेकर शुल्क के भुगतान तक पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। सभी ट्रायल-आधारित प्रवेश (खेल + ईसीए) भी ऑनलाइन किए जाएंगे। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी आरक्षित सीटों पर दाखिला पूरी तरह से प्रमाणपत्रों के आधार पर होगा।
विश्वविद्यालय ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया में छात्रों की मदद करने के लिए ट्यूटोरियल और वेबिनार शुरू करने की योजना बना रहा है। चैट-बॉट और ईमेल के रूप में कंप्यूटर आधारित हेल्प डेस्क भी अभ्यर्थियों के प्रश्नों का उत्तर देने के लिए 24*7 उपलब्ध होंगे। ट्यूटोरियल और वेबिनार के संबंध में घोषणाएं समय के साथ विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएंगी।
यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को 30 सितंबर तक स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। पहले सेमेस्टर की कक्षाएं 1 अक्तूबर या उससे पहले शुरू होंगी, इसलिए उम्मीद है कि विश्वविद्यालय के कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों की कक्षाएं भी 1 अक्तूबर से शुरू हो जाएंगी।