जूनियर को परेशान किया तो होगी कार्रवाई
कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अरुण चौधरी का कहना है कि कॉलेज में किसी अन्य छात्र को बोले गए शब्दों या लिखित अधना किसी अन्य प्रकार से अपने से जूनियर छात्र की परेशान करने के उद्देश्य से उसके साथ अशिष्टत या दुर्व्यवहार करता हुआ कोई भी छात्र पकड़ा जाता है तो वह रैगिंग की श्रेणी में आएगा।
रैगिंग गाइडलाइंस का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कॉलेज में रैगिंग के केस न आएं इसके लिए विद्यार्थियों को कॉलेज खुलने के दौरान वर्कशॉप व सेमिनार के माध्यम से जागरूक करने की आवश्यकता है।
UGC गाइडलाइंस और जागरूकता अभियान
रैगिंग की रोकथाम के लिए विद्यार्थियों को नाटक, कहानी के माध्यम से भी जानकारी दी जाएगी। एंटी रैगिंग कमेटी के सदस्य डॉ. हंसराज सुमन ने बताया कि यूजीसी ने उच्च शिक्षण संस्थानों में रैगिंग की समस्या पर अंकुश लगाने के लिए नियम बनाए हैं।
इसके अतिरिक्त संस्थान को वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एंटी रैगिंग संदेशों को प्रसारित करना है। काॉलेज में जागरूकता गतिविधियां जैसे कार्यशालाएं, सेमिनार, इंटरेक्टिव सत्र तथा अन्य रचनात्मक माध्यम से मुख्य संदेशों को फैलाने के लिए परिसर में सेल्फी कॉर्नर स्थापित करने हैं।