याचिकाकर्ता ने फैसले को क्यों चुनौती दी?
याचिका में अंग्रेजी की परीक्षा दोबारा कराने के फैसले को मनमाना, अनुचित और प्रक्रिया के लिहाज से गलत बताया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि पुनर्परीक्षा कराने का फैसला उस आधार से जुड़ी सामग्री बताए बिना लिया गया, जिसके आधार पर यह निर्णय किया गया।
याचिका में यह भी कहा गया है कि फैसला यूजीसी-नेट जून 2026 की सूचना पुस्तिका में तय प्रक्रिया का पालन किए बिना लिया गया। याचिका में इस फैसले को संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत मिले समानता के अधिकार का उल्लंघन भी बताया गया है।
क्या पहले हो चुकी परीक्षा का परिणाम जारी करने की मांग की गई है?
याचिका में अदालत से अधिकारियों को पहले हो चुकी अंग्रेजी परीक्षा के परिणाम घोषित करने या उसे लागू प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाने का निर्देश देने की मांग की गई है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि अगर अदालत अंग्रेजी की पुनर्परीक्षा की अनुमति देती है या इसे बरकरार रखती है, तो मूल परीक्षा के लिए जमा की गई परीक्षा फीस वापस की जाए। साथ ही अभ्यर्थियों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के दोबारा होने वाली परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाए।
परीक्षा शुल्क को लेकर हाईकोर्ट ने क्या निर्देश दिया था?
हाईकोर्ट ने 31 अगस्त को अधिकारियों को संबंधित परीक्षा की फीस वापस करने के संबंध में निर्णय लेने का निर्देश भी दिया था। अदालत ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए 6 अक्तूबर को सूचीबद्ध किया है।
एनटीए ने परीक्षा दोबारा कराने की वजह क्या बताई?
एनटीए ने एक सार्वजनिक नोटिस में बताया था कि उसे तीन विषयों के प्रश्नपत्रों में कई तरह की गलतियों को लेकर शिकायतें मिली थीं। इसके बाद इन मामलों की जांच के लिए एक समिति बनाई गई।
समिति की रिपोर्ट में कहा गया, "तीनों प्रश्नपत्रों में कई तथ्यात्मक, टंकण और अनुवाद संबंधी त्रुटियां थीं। इनमें प्रमुख विद्वानों के नामों की गलत वर्तनी, किताबों के शीर्षकों में गड़बड़ी, प्रश्नों के मूल वाक्य में त्रुटियां, व्याकरण संबंधी त्रुटियां, लिंग और वचन के मेल में त्रुटियां, विराम चिह्नों की गलतियां और स्थापित अवधारणाओं के लिए गैर-मानक गढ़े गए शब्द शामिल थे। इसके अलावा पहले आयोजित परीक्षाओं में पूछे गए बड़ी संख्या में प्रश्नों को दोहराया गया था।"
इन्हीं शिकायतों और समिति की रिपोर्ट के आधार पर तीन विषयों की परीक्षाएं दोबारा कराने का फैसला लिया गया था।
कब हुई थी यूजीसी-नेट जून 2026 की परीक्षा?
एनटीए ने यूजीसी-नेट जून 2026 की परीक्षा 22 से 30 जून के बीच आयोजित की थी। परीक्षा 87 विषयों में हुई थी। इस परीक्षा के जरिए जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ), सहायक प्रोफेसर के लिए पात्रता और पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए पात्रता तय की जाती है।
कब होगी तीनों विषयों की पुनर्परीक्षा?
| विषय |
पुनर्परीक्षा की तारीख |
| अंग्रेजी |
9 सितंबर 2026 |
| वाणिज्य |
9 सितंबर 2026 |
| समाजशास्त्र |
10 सितंबर 2026 |
अब दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार और एनटीए के जवाब के बाद मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। इस मामले में अगली सुनवाई 6 अक्तूबर को होनी है।