क्या है पूरा मामला? पढ़िए..
नीट पीजी 2021 को पहले कोरोना की दूसरी लहर की वजह स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद नीट पीजी 2021 के परिणाम जारी होने के बाद अखिल भारतीय कोटे की मेडिकल सीटों पर ओबीसी को 27 फीसदी और ईडब्ल्यूएस छात्रों को 10 फीसदी आरक्षण प्रदान करने के लिए केंद्र और चिकित्सा परामर्श समिति (एमसीसी) की 29 जुलाई की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका के मद्देनजर काउंसलिंग प्रक्रिया में देरी हुई है।
फोर्डा का विरोध प्रदर्शन
भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने नवंबर में सुप्रीम कोर्ट को बताया कि केंद्र ईडब्ल्यूएस आरक्षण के लिए निर्धारित 8 लाख रुपये की आय मानदंड पर फिर से विचार करेगा और चार सप्ताह में निर्णय लेगा। तब तक काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू नहीं होगी। केंद्र के फैसले के बाद, फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (FORDA) ने देशव्यापी विरोध का आह्वान किया और रेजिडेंट डॉक्टरों को 27 नवंबर से आउट पेशेंट डिपार्टमेंट (ओपीडी) सेवाओं को वापस लेने के लिए कहा।
स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात के बाद भी जारी है प्रदर्शन
6 दिसंबर को फोर्डा के एक प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया से मुलाकात की। स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों की शिकायतों पर ध्यान दिया और सुप्रीम कोर्ट के मामले की जल्द सुनवाई का आश्वासन दिया। हालांकि इस बीच डॉक्टरों ने अपना धरना जारी रखा है। दिल्ली के राम महोहर लोहिया, सफदरजंग और लेडी हार्डिंग अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टरों ने कहा कि वे सोमवार से सभी नियमित और आपातकालीन सेवाओं का बहिष्कार करेंगे।