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CUET: जेईई मेन, नेट की तर्ज पर अगले साल से दो बार सीयूईटी की तैयारी, मानक तय कर सकेंगे विश्वविद्यालय

Wed, 30 Mar 2022 06:07 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

सीयूईटी सिर्फ केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले तक ही सीमित नहीं होगा, क्योंकि कई प्रतिष्ठित निजी विश्वविद्यालयों ने संकेत दिया है कि वे भी स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए सीयूईटी के अंकों का इस्तेमाल करने के इच्छुक हैं।
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सीयूईटी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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जेईई मेन और नेट की तर्ज पर अगले सत्र से सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) साल में दो बार आयोजित करने की तैयारी है। 

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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष प्रो. एम जगदीश कुमार ने मंगलवार को कहा, सीयूईटी से न तो बोर्ड परीक्षाओं की प्रासंगिकता समाप्त होगी और ना ही इससे कोचिंग की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। बल्कि यह परीक्षा सभी बोर्ड के उम्मीदवारों को समान मौका देगी। 

यूजीसी अध्यक्ष ने कहा, स्नातक पाठ्यक्रम दाखिला प्रक्रिया से राज्य बोर्ड के विद्यार्थियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसका कोई नुकसान नहीं होगा। सीयूईटी सिर्फ केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले तक ही सीमित नहीं होगा, क्योंकि कई प्रतिष्ठित निजी विश्वविद्यालयों ने संकेत दिया है कि वे भी स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए सीयूईटी के अंकों का इस्तेमाल करने के इच्छुक हैं।
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उन्होंने कहा, इस साल सीयूईटी का आयोजन एक बार होगा। लेकिन एनटीए अगले सत्र से साल में कम से कम दो बार परीक्षा आयोजित करने पर विचार करेगी। कुमार ने कहा, केंद्रीय विश्वविद्यालय अपना न्यूनतम पात्रता मापदंड तय कर सकते हैं। इस प्रवेश परीक्षा के लिए किसी कोचिंग की आवश्यकता नहीं होगी, इसलिए इससे कोचिंग संस्कृति को बढ़ावा मिलने का सवाल ही पैदा नहीं होता। परीक्षा पूरी तरह 12वीं के पाठ्यक्रम पर आधारित होगी।
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बोर्ड में 60 से 70 फीसदी अंक तक मानक तय कर सकेंगे विश्वविद्यालय 
जगदीश कुमार ने कहा, विश्वविद्यालय बोर्ड के अंकों का मानक अपने अपने आधार पर तय करेंगे। कुछ यूनिवर्सिटी इसे 60 फीसदी तो कुछ 70  फीसदी कर सकते हैं। सीयूईटी से बोर्ड में 100 फीसदी अंक लाने की अनिवार्यता जरूर खत्म होगी। उन्होंने कहा, इसके बाद 98 फीसदी अंक पाने के बाद भी दाखिला नहीं मिलने जैसी स्थिति खत्म हो जाएगी।

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