CUET 2022: 45 विश्वविद्यालय आएंगे सीयूईटी के अंतर्गत
यूजीसी द्वारा घोषणा में लाई गई सीयूईटी परीक्षा के अंतर्गत कुल 45 केंद्रीय विश्वविद्यालय आएंगे। इसमें डीयू, जामिया, जेएनयू जैसे बड़े संस्थान भी शामिल होंगे। ये सभी विश्वविद्यालय यूजीसी के अंतर्गत आते हैं और इन सभी के लिए सीयूईटी के प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य है। स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों ही पाठ्यक्रमों के लिए ये नियम अनिवार्य है।
CUET 2022: क्या है सीयूईटी और सीयूसीईटी में अंतर?
सीयूईटी यानी कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट पुराने सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (cucet) का ही नवीन संस्करण है। सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों को इसे अपनाना अनिवार्य किया गया है। इससे पहले CUCET के अंतर्गत केवल 14 केंद्रीय विवि ही आते थे। अन्य कई बड़े संस्थान जैसे जामिया, डीयू, जेएनयू आदि अपनी प्रवेश परीक्षाएं अलग से लेते थे। इस कारण से कई छात्र अलग-अलग परीक्षाएं देते थे। अब इन सभी को एक ही प्लेटफॉर्म पर ले आया गया है जिसे सीयूईटी नाम दिया गया है। यह कार्य नई शिक्षा नीति, 2020 के अंतर्गत जारी की गई है।
CUET 2022: क्या है परीक्षा में शामिल होने की योग्यता?
सीयूईटी के माध्यम से स्नातक के पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास में किसी मान्यता प्राप्त स्कूल या संस्थान से बारहवीं की मार्कशीट होनी चाहिए। वहीं, स्नातकोत्तर के पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास में किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए।
CUET 2022: कब होगी परीक्षा?
जारी की गई जानकारी के अनुसार सीयूईटी परीक्षा के विस्तृत शेड्यूल को अप्रैल के पहले हफ्ते में जारी किया जा सकता है। वहीं, परीक्षा का आयोजन ऐसे समय में किया जाएगा, जब सभी बोर्ड की परीक्षाएं समाप्त हो गई हो। इसके लिए जुलाई के महीने को चुना जाएगा। CUET) का आयोजन 13 भाषाओं- हिंदी, गुजराती, मराठी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, बंगाली, उड़िया, असमिया, पंजाबी, उर्दू और अंग्रेजी माध्यम में किया जाएगा।
CUET 2022: क्या 12वीं के अंकों की मान्यता हो जाएगी खत्म?
नहीं, सीयूईटी के आने से छात्रों को अब प्रवेश परीक्षा में प्रदर्शन के हिसाब से एडमिशन मिलेंगे। हालांकि, यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को इस बात की छूट दी है कि वे प्रवेश के लिए के लिए जरूरी न्यूनतम अंकों का प्रावधान कर सकते हैं। जानकारों का मानना है कि देश के विभिन्न राज्यों के बोर्ड में 12वीं परीक्षा की मार्किंग स्कीम में अंतर होता है। इसके अलावा अन्य राजकीय विश्वविद्यालय और निजी संस्थान भी चाह तो सीयूईटी के प्रावधान को अपना सकते हैं।