विद्यार्थी (फाइल फोटो)
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राज्य माध्यमिक शिक्षा निदेशक हर्ष मंगला का कहना है कि अगले कुछ महीनों में स्कूलों को फिर से खोलना संभव नहीं लगता है। ऐसे में छात्रों को 10वीं और 12वीं कक्षा के सिलेबस के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता है। इसलिए, राज्य सरकार ने 9वीं और 11वीं के छात्रों को उच्च कक्षाओं में पदोन्नत करने का निर्णय लिया है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल का कहना है कि नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा में लगभग 8 लाख छात्र पढ़ते हैं। सूबे की सरकार कोविड-19 के मद्देनजर पहले ही पहली से लेकर आठवीं तक के छात्रों को बिना परीक्षा के उच्च कक्षाओं में पदोन्नत कर चुकी है। कोरोना की वजह से मार्च से स्कूल बंद हैं।