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कोरोना इफेक्ट: झारखंड में 8 लाख 9वीं और 11वीं के छात्र बिना परीक्षा पास

Thu, 27 May 2021 04:07 PM IST
ललित फुलारा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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विद्यार्थी (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
झारखंड में बिना परीक्षा के ही नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा के आठ लाख छात्रों को अगली कक्षा में पदोन्नत कर दिया गया है। कोरोना वायरस की दूसरी लहर के कारण 9वीं और 11वीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द कर छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोट किया गया है। सूबे में पिछले महीने की 22 तारीख से ही कोरोना वायरस से बचाव के लिए लॉकडाउन की तरह रोक लगी हुई है। राज्य माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने गुरुवार को नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा के सभी छात्रों को अलगी कक्षा में प्रमोट करने का आदेश जारी किया है। राज्य के सभी स्कूलों के हेडमास्टर्स को निर्देश दिया गया है कि सभी नौवीं एवं ग्यारहवीं के छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोट किया जाय और यह सुनिश्चित किया जाए कि उनका दाखिला हायर क्लासेस में जल्द हो।

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विद्यार्थी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
शिक्षा विभाग के अधिकारियं का कहना है कि  कोरोना महामारी के कारण इस साल 1 मार्च से सीमित अवधि को छोड़कर नौवीं एवं ग्यारहवीं कक्षाओं के लिए कक्षा गतिविधि का भौतिक संचालन नहीं किया जा सका। शैक्षणिक वर्ष 2020-21 पहले ही 31 मार्च को समाप्त हो गया है। विद्यार्थियों का नया शैक्षणिक सत्र भी 1 अप्रैल से शुरू हो चुका है। ऐसे में छात्र इस साल पहले से ही दो महीने का शैक्षणिक घाटा उठा चुके हैं, क्योंकि शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद भी उनकी कक्षाएं नहीं हो सकी हैं। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह को पांचवीं बार 3 जून तक बढ़ा दिया है।

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विद्यार्थी (फाइल फोटो) - फोटो : Prayagraj
राज्य माध्यमिक शिक्षा निदेशक हर्ष मंगला का कहना है कि अगले कुछ महीनों में स्कूलों को फिर से खोलना संभव नहीं लगता है। ऐसे में छात्रों को 10वीं और 12वीं कक्षा के सिलेबस के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता है। इसलिए, राज्य सरकार ने 9वीं और 11वीं के छात्रों को उच्च कक्षाओं में पदोन्नत करने का निर्णय लिया है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल का कहना है कि नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा में लगभग 8 लाख छात्र पढ़ते हैं। सूबे की सरकार कोविड-19 के मद्देनजर पहले ही पहली से लेकर आठवीं तक के छात्रों को बिना परीक्षा के उच्च कक्षाओं में पदोन्नत कर चुकी है। कोरोना की वजह से मार्च से स्कूल बंद हैं।
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