क्या है ड्यूल डिग्री प्रोग्राम?
अगर आप विविध ज्ञान के साथ-साथ दो अलग-अलग विषयों में विशेषज्ञता प्राप्त करना चाहते हैं, तो इसके लिए सबसे अच्छा विकल्प डुअल डिग्री प्रोग्राम है। अब कई विश्वविद्यालयों द्वारा विभिन्न विषयों या अध्ययन के लिए डुअल डिग्री की पेशकश की जा रही है। समान स्तर के अध्ययन की दो अलग-अलग शाखाओं में दोहरी डिग्री प्राप्त की जा सकती है, जैसे- यदि आप मनोविज्ञान के साथ-साथ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में डुअल डिग्री प्रोग्राम कर रहे हैं, तो आप दो अलग-अलग डिग्री, यानी बीए मनोविज्ञान और बीबीए एक साथ अर्जित करेंगे।
12वीं के बाद डुअल डिग्री
आप डुअल डिग्री की पहचान दो स्नातक डिग्री, स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री और डबल स्नातक/व्यावसायिक डिग्री प्रोग्राम के तौर पर कर सकते हैं। जो छात्र 12वीं के बाद डुअल डिग्री पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उनके पास आवेदन करने के लिए कई विकल्प हैं। ऐसे छात्र बीटेक+एमबीए, बीए+ एलएलबी, बीटेक+एलएलबी, बीटेक+एमएस, बीई+एमई, बीएड+एमएड आदि कोर्स का चयन कर सकते हैं। प्रवेश के लिए पात्रता मानदंड और एक साथ दो डिग्री चुनने की उपलब्धता संबंधित विश्वविद्यालयों द्वारा तय की जाती है।
डुअल डिग्री के लाभ
डुअल डिग्री कार्यक्रम आपके ज्ञान और कौशल को बढ़ाता है। 12वीं पास अभ्यर्थी एक साथ यूजी और पीजी डिग्री प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए छात्रों को केवल एक प्रवेश प्रक्रिया से गुजरना होगा। ऐसे किसी कोर्स का चयन करके आपके समय और पैसे, दोनों की बचत हो सकती है, क्योंकि आप चार या पांच वर्षों में दोनों डिग्री प्राप्त कर सकते हैं। ये कोर्स नौकरी की संभावनाओं को बढ़ाते हैं साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में कॅरिअर के लिए बेहतर विकल्प प्रदान करते हैं।
एक साथ दो डिग्री हासिल करने का तरीका
एक डिग्री ऑफलाइन मोड और दूसरी ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) या दोनों ऑनलाइन मोड में कर सकते हैं। ध्यान रहे कि फिजिकल या ऑफलाइन मोड में दोनों कक्षाओं का समय एक न हो। आप डुअल डिग्री प्रोग्राम को एक या अलग-अलग विश्वविद्यालयों से कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त कोर्स से जुड़े डिप्लोमा या डिग्री प्रोग्राम यूजीसी से मान्यता प्राप्त होने चाहिए।