कोरोना महामारी के कारण ब्यूटी पार्लर, स्पा, सैलून और कॉस्मोटोलॉजी के कोर्स के सिलेबस (पाठ्यक्रम) में बदलाव होने जा रहा है। केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय कोविड-19 को देखते हुए पाठ्यक्रम तैयार कर रहा है। इसके तैयार होने में दो से तीन महीने का समय लगेगा। अगस्त या सितंबर में जब भी आईटीआई और नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खुलेंगे तो नए पाठ्यक्रम के तहत ही काम करेंगे।
कौशल विकास मंत्री महेंद्रनाथ पांडेय के मुताबिक, कोरोना के चलते रोजमर्रा के जीवन में बड़े बदलाव आए हैं। नए पाठ्यक्रम में कोरोना से बचाव के तहत सामाजिक दूरी, मास्क, ग्लव्स और साफ-सफाई पर मुख्य फोकस करना होगा। क्योंकि ब्यूटी पार्लर, सैलून आदि में संक्रमण के प्रसार का खतरा रहता है।
छह महीने की फील्ड ट्रेनिंग
एक साल के कोर्स में छह महीने क्लासरूम और छह महीने फील्ड ट्रेनिंग होती है। ऐसे में छात्रों को पहले कक्षा में ग्राहकों और खुद को संक्रमण से बचाने का लाइव डेमो दिया जाएगा। इसके अलावा डिजिटल पाठ्यक्रम पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए खासतौर पर वीडियो आधारित ट्रेनिंग और पाठ्यक्रम तैयार हो रहा है। इसके तहत सेवाओं के दौरान बार-बार हाथों को सेनेटाइज करना, जमीन, चेयर, औजार को एक कस्टमर के इस्तेमाल के बाद सैनेटाइज करना सिखाया जाएगा।