वीडियो वायरल होने के बाद कॉलेज से लेकर सरकार तक एक्शन में आ गई है। प्राचार्य ने मामले में आंतरिक जांच के बाद आनन-फानन में सात वरिष्ठ छात्रों को निलंबित किया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे सीएमसी में सीनियर छात्रों द्वारा फ्रेशर्स की बेरहमी से रैगिंग ली जा रही है और उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। छात्रों ने कई प्रकार से उत्पीड़न के आरोप भी लगाए हैं। इस संबंध में प्राचार्य को एक गुमनाम शिकायत भी मिली है।
मिस्टर हॉस्टल के नाम पर उतरवाए कपड़े, वार्डन भी थे मौजूद
रैगिंग के शिकार एक छात्र ने रेडिट पर पोस्ट में कहा कि नौ अक्तूबर को हुई जूनियर मिस्टर मेन्स हॉस्टल प्रतियोगिता में वार्डन, डिप्टी वार्डन और कुछ डॉक्टर भी जज रूप में मौजूद थे। इस दौरान नए छात्रों को अंडरवियर को छोड़, बाकी सब कपड़े उतार कर दिखाने के लिए मजबूर किया गया। वरिष्ठ छात्रों द्वारा जूनियर छात्रों के प्राइवेट पार्ट पर थप्पड़ मारने की भी बात सामने आई है।
अश्लील कृत्यों की नकल करने के लिए भी कहा गया
वीडियो में भी देखा जा सकता है कि छात्र अंडरवियर में छात्रावास के चारों ओर चक्कर काट रहे हैं और दूसरी तरफ से उन पर फायर हाइड्रेंट से पानी का फेंका जा रहा था। बताया गया कि यह कथित तौर पर वॉकिंग रेस प्रतियोगिता थी। आरोप के अनुसार, जूनियर छात्रों को इसमें भाग लेने के लिए मजबूर किया गया था। जिसके दौरान उन्हें उनके सहपाठियों के साथ अश्लील एवं यौन कृत्यों की नकल करने के लिए भी कहा गया था। वीडियो में कुछ छात्र ऐसे कृत्य करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में दो छात्रों को एक-दूसरे को रगड़ते हुए दिखाया गया है।