कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) भारत में 22 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों द्वारा प्रस्तावित स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) कानून कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है। क्लैट 2024 परीक्षा दो घंटे की अवधि के लिए आयोजित की जाएगी। पेपर में कुल 150 प्रश्न होंगे। अनुभागों में कानूनी योग्यता के साथ-साथ अंग्रेजी, गणित, तार्किक तर्क, सामान्य ज्ञान और करंट अफेयर्स शामिल हैं।
शैक्षणिक वर्ष 2024-2025 में शुरू होने वाले पांच वर्षीय एकीकृत एलएलबी के सभी प्रवेश और एलएलएम कार्यक्रम क्लैट 2024 के माध्यम से होंगे। अधिक जानकारी के लिए, उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट देखने की सलाह दी जाती है।
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज के कंसोर्टियम (Consortium of NLUs) को एलएलबी कोर्स में दाखिला के लिए निर्धारित क्लैट परीक्षा (CLAT) में भाग ले रहे शारीरिक रूप से अक्षम उम्मीदवारों को स्क्राइब मुहैया कराने में मदद का निर्देश दिया था। प्रधान न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ ने निर्देश दिया था कि एनएलयू के कंसोर्टियम को ऐसे दिव्यांग उम्मीदवारों को स्क्राइब उपलब्ध कराना चाहिए, जिन्हें स्वयं नहीं मिल पा रहा है।
हालांकि, शीर्ष अदालत ने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज के कंसोर्टियम के उस सबमिशन को भी स्वीकार कर लिया कि उम्मीदवारों को 11वीं कक्षा के ऐसे छात्र जो भविष्य में CLAT (कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट) को क्रैक करने के इच्छुक हैं, और वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए कोई कोचिंग ले रहे हैं, को स्क्राइब के रूप में प्रदान नहीं किया जा सकता है।