आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया कि कक्षा 12 परीक्षा (ऑफलाइन) बाद में आयोजित की जाएगी। इसके लिए जून में तारीख घोषित की जा सकती है। जबकि कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए परीक्षा वैकल्पिक रखी गई है। कक्षा 10वीं के विद्यार्थी जो परीक्षा में उपस्थित नहीं होना चाहते हैं, CISCE उनके लिए विशेष मूल्यांकन पद्वति से परिणाम तैयार करेगा। वहीं, जो छात्र परीक्षा देना चाहते हैं वे कक्षा 12वीं के छात्रों के साथ परीक्षा में भाग ले सकेंगे।
सीआईएससीई के द्वारा पूर्व में जारी संशोधित परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार, ISC यानी कक्षा 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं आठ अप्रैल, 2021 से शुरू होनी थी, जबकि ICSE यानी 10वीं बोर्ड की परीक्षाएं 04 मई, 2021 से आयोजित की जानी थी। बता दें कि ICSE का मतलब इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन है यह 10वीं बोर्ड के समकक्ष है। वहीं, ISC का मतलब इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट है यह 12वीं बोर्ड के समकक्ष परीक्षा होती है। जबकि CISCE यानी काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन ICSE और ISC दोनों परीक्षाओं के साथ-साथ उनके परीक्षा परिणामों की घोषणा के लिए संबंधित जिम्मेदार निकाय है।
गौरतलब है कि इससे पहले केंद्र सरकार ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई बोर्ड की 10वीं की परीक्षा रद्द करने और 12वीं की परीक्षा स्थगित करने का निर्णय किया था। केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी थी।
केंद्र सरकार के निर्णय के बाद बीते दो दिन में कई राज्यों में परीक्षाओं को टाला गया है। झारखंड सरकार ने 10वीं-12वीं की प्रायोगिक परीक्षाओं को टाला है। ओडिशा और उत्तर प्रदेश में 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं स्थगित करने, हरियाणा में 10वीं की परीक्षा रद्द व 12वीं बोर्ड की परीक्षा स्थगित करने, मध्यप्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल, राजस्थान सरकार ने राज्य राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर द्वारा आयोजित की जाने वाली 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा स्थगित करने की घोषणा की थी। वहीं, इसके बाद हिमाचल प्रदेश सरकार ने भी राज्य में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों के मद्देनजर कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं और स्नातक स्तरीय परीक्षाओं को 17 मई, 2021 तक स्थगित करने का निर्णय किया था।