केंद्र सरकार की ओर से सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखते हुए अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने बताया कि सरकार ने संघर्षग्रस्त यूक्रेन में फंसे 22,500 छात्रों को निकाला है और वह निकाले गए छात्रों की शैक्षणिक चिंताओं के समाधान को लेकर भी विभिन्न पहलुओं पर काम कर रही है। एजी ने प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ को सूचित किया कि छात्रों ने अपनी पढ़ाई जारी रखने के मुद्दे पर सरकार को प्रतिनिधित्व दिया है और सरकार इस पर विचार कर रही है और जल्द निर्णय करेगी।
सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद शीर्ष अदालत ने इस मामले से जुड़ी दो लंबित याचिकाओं को निस्तारित कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अटॉर्नी जनरल के अनुसार, मामला सरकार के संज्ञान में है और सरकार इस मुद्दे पर विचार कर रही है। तदनुसार ये मामले बंद किए जाते हैं। ये दोनों याचिकाएं छात्रों की शैक्षणिक चिंताओं को दूर करते हुए राहत देने के लिए दायर की गईं थी।
इससे पहले याचिकाकर्ताओं के वकील ने मांग की थी कि सरकार को उन छात्रों की पढ़ाई संबंधी चिंताओं पर विचार करना चाहिए, जिन्हें युद्ध के कारण अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़नी पड़ी है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने यूक्रेन में संघर्ष क्षेत्र के बीच फंसे छात्रों की जान पर चिंता जताई थी और सहायता के लिए सरकार को हेल्पलाइन खोलने का सुझाव दिया था, ताकि छात्र या उनके परिवार संवाद कर सकें।