वहीं, सपा के सुरेंद्र सिंह नागर ने कहा कि 'उत्तर प्रदेश के स्कूलों की फीस में 150 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। 2018 में प्रदेश में निजी स्कूलों के नियंत्रण के लिए कानून तो बनाया गया, लेकिन इसका क्रियान्वयन नहीं हो सका है। अब केंद्र को निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों का शोषण रोकने के लिए कानून बनाना चाहिए।'
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राज्यसभा में इस चर्चा के दौरान कई अलग-अलग दलों के प्रतिनिधियों ने निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ कानून बनाए जाने पर अपनी राय रखी। सालों से जगह-जगह अभिभावकों द्वारा भी ये मुद्दा उठाया जाता रहा है। लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। सवाल ये है कि राज्यसभा में मांग उठने के बाद क्या अब सरकार निजी स्कूलों की फीस पर नियंत्रण करने के लिए कोई कानून बनाएगी?
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