26 सितंबर को होगा कार्यशाला का आयोजन
कार्यशाला का आयोजन 26 सितंबर को लोदी एस्टेट स्थित सरदार पटेल स्कूल में किया जाएगा। इसमें प्राचार्यों के साथ बाल मनोविज्ञान की समझ, माता-पिता और बच्चों के बीच प्रभावी संचार, अनुशासन और सहानुभूति के बीच संतुलन, बच्चों की शैक्षिक यात्रा जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
बोर्ड के अनुसार, हम विकसित होते शैक्षिक परिदृश्य में आगे बढ़ रहे हैं, ऐसे में प्रभावी पालन-पोषण का महत्व बढ़ता जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्य भी बच्चों के समग्र विकास में स्कूलों, अभिभावकों और समुदाय की भूमिका को बढ़ाते हैं। इसके लिए यह आवश्यक है कि हम अपनी भावी पीढियों का पोषण करने के लिए स्कूलों और परिवारों के बीच एक सहयोगी दृष्टिकोण विकसित करें।
पहले अभिभावकों को भी सिखा चुका है बोर्ड
इसके पहले बोर्ड ने अभिभावकों को ये सिखाने के लिए कि वह बच्चों का किस तरह से ख्याल रखें, पॉजिटिव पैरेंटिंग: ए रेडी रेकनर नाम से एक पुस्तक तैयार की थी। बोर्ड की ओर से तैयार इस पुस्तक का उद्देश्य बच्चों व अभिभावकों के बीच के संबंध को और गहरा करना व बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करना था। 60 पृष्ठों की इस पुस्तक में बच्चों के देखभाल और पालन-पोषण कौशल की बारीकियों को समेटा गया।