सीबीएसई के अनुसार, किसी भी नाम से व्यावसायिक उद्देश्य के लिए इस प्रकार की कक्षाएं चलाना बोर्ड के संबद्ध उपनियमों का उल्लंघन है। सीबीएसई सचिव अनुराग त्रिपाठी की ओर से इस संबंध में स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल ऐसी ट्यूशन व कोचिंग कक्षाओं को बंद करें, जो स्कूल टाइम टेबल के समांतर हों। इससे स्कूलों की कक्षाओं का टाइम टेबल प्रभावित हो रहा है।
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सचिव ने स्कूलों को शिक्षा का अधिकार (आरटीई) एक्ट 2009 के नियम 28 का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी शिक्षक खुद को प्राइवेट ट्यूशन व प्राइवेट टीचिंग में संलग्न नहीं कर सकता है। सीबीएसई के एफिलिऐशन बायलॉज 2018 के नियम 14.10 के अनुसार, किसी स्कूल के परिसर को व्यावसायिक गतिविधि के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
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सीबीएसई को कुछ स्कूलों के संबंध में शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें यह जानकारी सामने आई है कि वह परिसर में कोचिंग संस्थान चला रहे हैं। सीबीएसई के कोर्स के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं व प्रवेश परीक्षाओं की तैयारियां कराई जा रही हैं। इन तैयारियों के नाम पर छात्रों व अभिभावकों को गुमराह किया जा रहा है।
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