केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की तरफ से जल्द ही 10वीं व 12वीं कक्षा के टर्म-1 बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित किए जा सकते हैं। वहीं, बोर्ड ने गुरुवार को कहा है कि परिणाम में किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बोर्ड ने कहा कि जो भी स्कूल अंकों की गलत गणना करेंगे, उन्होंने सीबीएसई की कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ऐसे स्कूलों को 50,000 रुपये का भारी जुर्माना देना होगा या उनकी मान्यता समाप्त कर दी जाएगी।
सीबीएसई ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के अंकों की जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में बोर्ड ने कहा है कि ओएमआर शीट का मूल्यांकन करते समय परीक्षा केंद्रों में किसी भी प्रकार के दुराचार में लिप्त पाए जाने पर जिम्मेदारों को सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। बोर्ड ने कहा कि स्कूलों को कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं की प्रतियों का मूल्यांकन करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।
बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों की शुरू की थी जांच
रिपोर्टों के अनुसार, सीबीएसई द्वारा गृह परीक्षा केंद्रों की जांच की जा रही है जहां परीक्षाएं नवंबर-दिसंबर 2021 में आयोजित की गई थीं। सीबीएसई ने यह कदम इसलिए उठाया है क्योंकि बोर्ड ने कुछ स्कूलों के गृह केंद्रों में अनियमितता में लिप्त होने की आशंकाओं के कारण बदल दिया था। बोर्ड को आशंका के बीच क्रमरहित ऐसे केंद्रों की जांच भी शुरू कर दी थी।
ओएमआर शीट की हार्ड कॉपी स्कूलों को रखने के लिए कहा गया
रिपोर्टों के अनुसार, स्कूलों को ओएमआर शीट की एक हार्ड कॉपी रखने के लिए कहा गया है और बोर्ड यह जांच करेगा कि छात्रों को अंकन योजना के अनुसार चिह्नित किया गया है या नहीं। सीबीएसई द्वारा परीक्षा के बाद, स्कूलों को अंक सूची भेजी जाएगी और छात्र सूची में अपने अंकों की जांच कर सकेंगे। हालांकि, अंतिम अंक सूची टर्म 2 परीक्षा के बाद ही जारी की जाएगी। सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षा को दो भागों में बांट दिया है। टर्म-1 बोर्ड परीक्षा नवंबर-दिसंबर, 2021 में आयोजित हुई थी, टर्म 2 इस साल मार्च-अप्रैल, 2022 में आयोजित की जाएगी।