केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(सीबीएसई) ने गुरुवार, 16 दिसंबर, 2021 से केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) शुरू कर दी है। राजस्थान के कोटा में एरोड्रम सर्किल स्थित एक परीक्षा केंद्र पर कई परीक्षार्थी तकनीकी खामी के कारण परीक्षा देने से वंचित रह गए। इस बात को लेकर परीक्षार्थियों ने केंद्र पर जमकर हंगामा बरपाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। परेशान उम्मीदवारों के साथ उनके परिजन भी उपस्थित थे। लंबे अरसे परीक्षा की तैयारी किए उम्मीदवारों के चेहरे बेहद मायूस थे, उनकी एक ही मांग थी कि सर्वर से कनेक्टिविटी नहीं होने से परीक्षा में दिक्कतें आईं। अब उनकी एक ही मांग है कि बोर्ड इस परीक्षा को रद्द करके दोबारा एग्जाम करवाएं। इस मांग को लेकर केंद्र पर घंटों परीक्षार्थी बैठे रहे।
सीबीएसई के सर्वर से नहीं मिल पा रही थी कनेक्टिविटी
कई उम्मीदवार के माता-पिता, भाई समेत अन्य रिश्तेदार भी केंद्र पर धरना देने पहुंच गए। गुरुवार को परीक्षा का पहला दिन था, इसके फाइनल एडमिट कार्ड 2021 बोर्ड ने जारी कर दिए हैं। 13 जनवरी,2022 तक सीटेट परीक्षा होनी हैं। लेकिन पहले ही दिन आज कोटा के सेंटर पर जमकर हंगामा हुआ। सीबीएसई, नई दिल्ली से सर्वर बार-बार डिस्कनेक्ट होता रहा। परीक्षा में नेटवर्क के डिस्कनेक्ट होने के कारण परीक्षार्थियों का हंगामा बढ़ता गया। हंगामे की सूचना मिलने पर कोटा शहर के गुमानपुरा थाना पुलिस ने पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश की। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम से केंद्र संचालक ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि दिल्ली स्थित सीबीएसई के सर्वर से ही कनेक्टिविटी नहीं मिल पा रही थी।
तकनीकी खामी से नाराज उम्मीदवार
मौजूदा समय में कई केंद्र सरकार व राज्य सरकारों द्वारा कंप्यूटर आधारित प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। ऐसे में गुरुवार को कोटा की घटना ने अब फिर से सरकारी तंत्र पर एक सवाल खड़ा कर दिया है कि तकनीकी माध्यम से आयोजित परीक्षाओं के संचालन का पुनर्गठन किस तरह किया जाए। जिससे परीक्षार्थियों का समय बिल्कुल भी न बर्बाद हो। केंद्र पर धरना दे रहे कई उम्मीदवार व उनके परिजनों ने इन्हीं सवालों को उठाया और बोर्ड व सरकार से जवाब मांगा।