सीबीएसई का कहना है कि अगर कोई विद्यार्थी तीन अनिवार्य शैक्षिक विषयों जैसे विज्ञान, गणित एवं सामाजिक विज्ञान में से किसी एक में फेल हो जाता है और कौशल विषय में पास हो जाता है तो उसका दसवीं कक्षा का रिजल्ट कौशल विषय को जोड़कर तैयार किया जाएगा। यानी कि अगर विद्यार्थी कौशल विषय में पास हो जाता है और अनिवार्य में किसी एक विषय में फेल हो जाता है तो उसे पास कर दिया जाएगा। इसी तरह भाषा विषय में भी किया जाएगा।
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अगर कोई विद्यार्थी भाषा में फेल हो जाता है और छठे विषय के तौर पर ली गई भाषा में पास हो जाता है तो उसके रिजल्ट में जिसमें पास हुआ है उसके अंक जुडेंगे। विद्यार्थियों के लिए नौ विषयों में से पांच अनिवार्य विषय होंगे जो कि हिंदी, इंग्लिश, गणित, सामाजिक विज्ञान और विज्ञान होंगे। इसके अलावा विद्यार्थी चार अन्य विषय भी ले सकेंगे। जिनमें छठा विषय कोई कौशल विषय होगा और सातवां विषय तीसरी भाषा होगी। आठवां और नौवां विषय आर्ट एजुकेशन, हेल्थ फिजिकल एजुकेशन और वर्क एक्सपीरियंस में से चुनना होगा। आठवें और नौवें विषय का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर ही होगा।