निजी पुस्तक प्रकाशक के संबंध में कही ये बात
निजी प्रकाशकों के उपयोग के बारे में, सीबीएसई के नियमों में कहा गया है, "पूरक सामग्री, डिजिटल सामग्री के साथ-साथ निजी प्रकाशकों की पुस्तकों का उपयोग करते समय अत्यधिक सावधानी बरती जानी चाहिए, ताकि कोई आपत्तिजनक सामग्री न हो जो समाज में किसी वर्ग, समुदाय, लिंग या किसी भी धार्मिक समूह की भावना को ठेस पहुंचाए।"
इसके अलावा, स्कूल अपनी वेबसाइट पर सभी कक्षाओं के लिए निर्धारित पुस्तकों की सूची डालना जारी रखेंगे, जिसमें प्रबंधक और प्रिंसिपल द्वारा हस्ताक्षरित लिखित घोषणा होगी कि उन्होंने स्कूल द्वारा निर्धारित पुस्तकों की सामग्री को पढ़ लिया है और वे इसके लिए जिम्मेदार हैं।
सीबीएसई ने चेतावनी दी है कि अगर कोई स्कूल आपत्तिजनक सामग्री वाली किताब लिखता हुआ पाया जाता है, तो उसे ऐसी सामग्री के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा और बोर्ड द्वारा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।