ज्यादा लंबा नहीं था पेपर
पीतमपुरा के जेडपी ब्लॉक स्थित सर्वोदय कोएड सीनियर सेकेंडरी स्कूल की 12वीं कक्षा की अकाउंट्स की शिक्षक दीपिका सबरवाल दीपिका सभरवाल ने बताया कि पेपर ज्यादा लंबा नहीं था, यह संतुलित था। छात्रों ने अच्छे तरीके से सवालों के जवाब दिए। प्रश्नों के जवाबों को देने की संख्या को घटाकर बोर्ड ने ठीक काम किया है। कई छात्र, इससे संतुष्ट नजर आए। अकाउंट्स का पेपर बहुत ही केल्कुलेशन करने वाला और वित्तीय जानकारी को परखने वाला पेपर होता है। अभ्यास करने वाले छात्रों के इस पेपर में अच्छे अंक आएंगे।
बोर्ड ने बदली मार्किंग स्कीम
अमर उजाला की एजुकेशन टीम से हुई बातचीत में दिल्ली के द्वारका सेक्टर-18 स्थित एक निजी स्कूल की 12वीं कक्षा की अकाउंट्स की शिक्षक पूजा चौहान ने बताया कि बीते एक महीने से छात्र सीबीएसई के सेंपल पेपर से अकाउंट्स विषय की तैयारी कर रहे थे। लेकिन, छात्रों के हाथ में पेपर आते ही वह दिशा-निर्देशों में उलझे। इसका मुख्य कारण ये रहा कि पहले बोर्ड ने प्रत्येक सवाल की मार्किंग स्कीम 0.88 अंक की थी। अब इसे एक अंक कर दिया, यानी 60 सवालों में से कुल 40 सवालों को छात्रों को सॉल्व करना था। प्रत्येक सवाल के एक अंक कर दिए थे। जबकि, सीबीएसई के सेंपल पेपर में 55 सवालों में से 45 सवालों को सॉल्व करना था। परीक्षा केंद्र में मौजूद सीबीएसई के समीक्षक ने भी छात्रों की इस उलझन को कम करते हुए कहा कि वह अपनी चुनाव के अनुरूप बहुविकल्पीय प्रश्नों के जवाब दे सकते हैं।
15 सवाल न्यूमेरिकल के आए
पूजा चौहान ने बताया कि कुल प्रश्नों में से 15 सवाल न्यूमेरिकल के थे। बाकी सवाल न्यूमेरिकल और थ्योरी दोनों के थे। हालांकि, कुछ न्यूमेरिकल के सवालों में बच्चों की समझ को परखा गया। पेपर पूरा छात्रों की एनसीईआरटी की किताबों से आया था। पेपर में अकाउंट्स के बेसिक कॉन्सेप्ट पर आधारित प्रश्न आए थे। छात्रों को यह कठिन व आसान प्रश्नों का मिश्रण लगा।