इस मामले में विद्यार्थियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बोर्ड के सूत्रों ने बताया है कि छात्र-छात्राओं को दिए गए गलत अंकों में नतीजों की घोषणा से पहले ही सुधार कर दिया गया था।
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दरअसल, कॉपियों की जांच के बाद परीक्षकों ने सभी के अंक सॉफ्टवेयर के जरिए अपलोड कर सीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालय को भेज दिए। नतीजों की घोषणा से पहले मुख्य परीक्षकों की टीम ने सभी अंकों व कॉपियों को दोबारा देखा। इसमें 240 से ज्यादा कॉपियों व दिए गए अंकों में गड़बड़ियां पाई गईं। इनमें से ज्यादातर कॉपियां पटना की थीं। कई कॉपियों में मार्किंग पैटर्न में गड़बड़ी थी, तो कई में अच्छा स्कोर करने के बावजूद विद्यार्थी को कुल अंक कम दिए गए थे। दोबारा जांच के बाद उसी वक्त इनमें सुधार कर दिया गया था।