वेक्टर एंड 3 डी ज्योमेट्री और कैलकुलस से क्रमश: 14 और 35 सवाल पूछे जाते हैं। इसके बाद अल्जेब्रा से 10, प्रोबेबिलिटी और रिलेशन एंड फंक्शन से 8 और लीनियर प्रोग्रामिंग से 5 सवाल पूछे जाते हैं।
2015 से 2020 तक के एनालिसिस के मुताबिक बोर्ड परीक्षा में तकरीबन 50% आसान, 30% मॉडरेट और 20% मुश्किल सवाल पूछे जाते हैं। इसकी तैयारी के लिए विद्यार्थियों को एनसीईआरटी की एक्सरसाइज के साथ-साथ उसमें दिए गए उदाहरणों को भी ध्यानपूर्वक पढ़ना होगा।
पहली बार परीक्षा में केस स्टडी पर आधारित सवाल पूछे जाएंगे। इसलिए इस बार सवाल ज्यादा मुश्किल नहीं आएंगे। विद्यार्थियों को इसकी तैयारी करने के लिए एप्लीकेशन ऑफ डेरिवेटिव और प्रोबेबिलिटी जैसे विषयों को अच्छे से पढ़ना होगा। इसके अलावा मैट्रिक्स, डिटर्मिननेंट्स, डिफरेंशियल इक्वेशन, लीनियर प्रोग्रामिंग से भी केस स्टडी सवाल पूछे जा सकते हैं।
अक्सर विद्यार्थी अपना समय बचाने के लिए सवालों के जवाब को कम से कम स्टेप्स में देने की कोशिश करते हैं। क्योंकि जेईई जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उन्हें इसी तरह ट्रेन किया जाता है। किन्तु बोर्ड परीक्षा में इसकी वजह से विद्यार्थियों के अंक कट जाते हैं। सीबीएसई की मार्किंग स्कीम में हर स्टेप के लिए अलग अंक निर्धारित किए गए हैं। अगर आप उस स्टेप को नहीं लिखते हैं तो आपके अंक कट सकते हैं।
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