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सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा 2021: गणित के ऑब्जेक्टिव से लेकर केस स्टडी तक के सवालों की ऐसे करें तैयारी

Thu, 11 Mar 2021 06:39 PM IST
वर्तिका तोलानी एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

  • एनसीईआरटी में दिए गए उदाहरणों को करें हल
  • प्रोबेबिलिटी से पूछे जाएंगे केस-स्टडी पर आधारित सवाल 
  • मार्किंग स्कीम के अनुसार लिखें जवाब 
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CBSE 12th Board Exam Preparation Tips - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा 4 मई, 2021 से 14 जून, 2021 तक बारहवीं की परीक्षा आयोजित की जाएगी। वहीं गणित विषय की परीक्षा की तिथि 31 मई, 2021 निर्धारित की गई है। बारहवीं कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थियों के पास अब बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने के लिए दो महीने से भी कम का समय बचा है।

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ऐसे में अमर उजाला आपके लिए एक विशेष सीरीज की शुरुआत कर रहा है। जिसमें प्रत्येक दिन एक्सपर्ट्स विषय अनुसार पुख्ता तैयारी करने के लिए टिप्स देंगे। इसी कड़ी में आज मैथेमैटिक्स विषय के एक्सपर्ट रोहित मित्तल गणित के ऑब्जेक्टिव सवाल से लेकर केस स्टडी पर आधारित सवाल तक की तैयारी करने के लिए खास टिप्स दे रहे हैं। अगर आप मैथेमैटिक्स के विद्यार्थी हैं तो यह खबर आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस विषय से पूछे जाते हैं सबसे ज्यादा सवाल 

वेक्टर एंड 3 डी ज्योमेट्री और कैलकुलस से क्रमश:  14 और 35 सवाल पूछे जाते हैं। इसके बाद अल्जेब्रा से 10, प्रोबेबिलिटी और रिलेशन एंड फंक्शन से 8 और लीनियर प्रोग्रामिंग से 5 सवाल पूछे जाते हैं।

एनसीईआरटी में दिए गए उदाहरणों को करें हल 

2015 से 2020 तक के एनालिसिस के मुताबिक बोर्ड परीक्षा में तकरीबन 50% आसान, 30% मॉडरेट और 20% मुश्किल सवाल पूछे जाते हैं। इसकी तैयारी के लिए विद्यार्थियों को एनसीईआरटी की एक्सरसाइज के साथ-साथ उसमें दिए गए उदाहरणों को भी ध्यानपूर्वक पढ़ना होगा।

ऐसे करें केस स्टडी पर आधारित सवालों की तैयारी

पहली बार परीक्षा में केस स्टडी पर आधारित सवाल पूछे जाएंगे। इसलिए इस बार सवाल ज्यादा मुश्किल नहीं आएंगे। विद्यार्थियों को इसकी तैयारी करने के लिए एप्लीकेशन ऑफ डेरिवेटिव और प्रोबेबिलिटी जैसे विषयों को अच्छे से पढ़ना होगा। इसके अलावा मैट्रिक्स, डिटर्मिननेंट्स, डिफरेंशियल इक्वेशन, लीनियर प्रोग्रामिंग से भी केस स्टडी सवाल पूछे जा सकते हैं।

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ऐसा करने से कट सकते हैं अंक

अक्सर विद्यार्थी अपना समय बचाने के लिए सवालों के जवाब को कम से कम स्टेप्स में देने की कोशिश करते हैं। क्योंकि जेईई जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उन्हें इसी तरह ट्रेन किया जाता है। किन्तु बोर्ड परीक्षा में इसकी वजह से विद्यार्थियों के अंक कट जाते हैं। सीबीएसई की मार्किंग स्कीम में हर स्टेप के लिए अलग अंक निर्धारित किए गए हैं। अगर आप उस स्टेप को नहीं लिखते हैं तो आपके अंक कट सकते हैं। 
 

सीबीएसई -

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